ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में कथित लव जिहाद और धर्मांतरण मामले में जांच जारी है। इस मामले की जांच समिति में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस समिति में एक महिला डॉक्टर और एक पूर्व आईपीएस अधिकारी को भी शामिल किया गया है। केजीएमयू प्रशासन ने विश्व हिंदू परिषद के साथ हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया है। डॉक्टर के लव जिहाद का मामला लगातार गरमाया हुआ है। इसको लेकर पिछले दिनों हिंदूवादी संगठनों और मेडिकल संघों की तरफ से प्रोटेस्ट किया गया था।
केजीएमयू प्रशासन की ओर से बताया गया कि जांच समिति में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ मंजू अग्रवाल को शामिल किया गया है। साथ ही, रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी भावेश कुमार सिंह को भी जांच कमेटी में जोड़ा गया है। यह भी बताया गया कि विश्व हिंदू परिषद की ओर से दिए गए ज्ञापन में की गई मांग पर आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी डॉक्टर के केजीएमयू कैंपस में आने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
विगत दिवस हुई बैठक
जांच कमेटी की विगत दिवस हुई बैठक में कमेटी का एक ईमेल आईडी जारी किया गया है। केजीएमयू ने factfindingcommittee@kgmcindia.edu ईमेल आईडी जारी किया है। केजीएमयू प्रशासन ने बताया कि इस ईमेल आईडी पर धर्मांतरण से जुड़ी जानकारी और घटना एवं सबूत साझा किए जाएंगे। वहीं, जांच समिति ने उन आरोप को निराधार पाया कि केजीएमयू में संविदा कर्मचारियों में विशेष समुदाय के अधिक लोग हैं।
समिति ने की जांच
समिति ने जांच में पाया कि केजीएमयू में टोटल कांट्रेक्चुअल नॉन टीचिंग एम्पलाइज 3995 हैं।
इसमें माइनॉरिटी एम्पलाइज 289 हैं। पैथालोजी विभाग में कांट्रेक्चुअल नॉन टीचिंग एम्पलाइज 51 हैं। इसमें से 2 माइनॉरिटी एम्पलाइज हैं। पीओसीटी में कांट्रेक्चुअल नॉन टीचिंग 174 हैं। इसमें से 25 माइनॉरिटी हैं।
इसके अलावा केजीएमयू प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक बयान जारी करने के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। इसमें प्रो. केके सिंह (समिति अध्यक्ष), प्रो. आरएएस कुशवाहा (कुलानुशासक) और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अंजू अग्रवाल शामिल हैं।































