ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक ऐसा ब्रह्मास्त्र तैयार कर लिया है जिसकी रफ्तार के आगे दुनिया का कोई भी रडार या डिफेंस सिस्टम पानी भरता नजर आएगा। भारत के वैज्ञानिकों ने ‘ध्वनि’ नाम का एक ऐसा एचजीवी यानी हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल बना लिया है जो पलक झपकते ही दुश्मन के घर में घुसकर उसे तबाह कर सकता है।
भारत अपने सबसे गुप्त और महत्वपूर्ण डिफेंस प्रोजेक्ट ‘ध्वनि’ एचजीवी को दुनिया के सामने पेश करने की तैयारी में है। ताजा अपडेट के मुताबिक, भारत अब उन चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है जिनके पास हाइपरसोनिक हथियार बनाने की काबिलियत है। ‘ध्वनि’ एक ऐसा ग्लाइड व्हीकल है जो हवा में अपनी दिशा बदल सकता है और इसकी रफ्तार इतनी तेज है कि इसे रोकना नामुमकिन है जिसकी टेस्टिंग की तारीख की चर्चा जोरों पर है। ऐसे में इसकी ताकत और टेस्टिंग की तैयारियों को जानना बेहद दिलचस्प हो जाता है।
ध्वनि का मतलब ही आवाज होता है, और यह हथियार अपनी नाम की तरह ही आवाज की रफ्तार से कम से कम पांच गुना तेज यानी मैक 5+ की स्पीड पर उड़ने की क्षमता रखता है। यह हाइपरसोनिक ग्लाइडर व्हीकल है, जिसे एक रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष के किनारे तक ले जाया जाता है और फिर वहां से यह बिजली की रफ्तार से अपने टारगेट की तरफ गोता लगाता है।
वहीं, इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह पारंपरिक मिसाइलों की तरह एक सीधे रास्ते पर नहीं चलता। यह हवा में सांप की तरह दिशा बदल सकता है, जिससे दुश्मन के एंटी-मिसाइल सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाते हैं। भारत के इस कदम ने चीन के ‘डीएफ-17’ जैसे हथियारों को कड़ी टक्क र दी है।
क्या है ध्वनि की ताकत
हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल कोई साधारण मिसाइल नहीं होती। इसकी तकनीक इसे दुनिया का सबसे कठिन हथियार बनाती ह। यह मिसाइल कम से कम 6,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चलती है। इतनी तेजी से आने वाली चीज को देखने और रोकने के लिए दुश्मन को कुछ ही सेकेंड मिलते हैं, जो नामुमकिन जैसा है। जहां, साधारण बैलिस्टिक मिसाइल का रास्ता तय होता है। वहीं, ‘ध्वनि’ हवा में गोते खा सकती है। यह दुश्मन के एयर डिफेंस को चकमा देने के लिए डिजाइन की गई है। ऐसे में, इतनी रफ्तार हवा से रगड़ खाकर मिसाइल का तापमान हजारों डिग्री तक पहुंच जाता है। भारतीय वैज्ञानिकों ने इसके लिए खास मैटीरियल तैयार किया है जो इसे पिघलने नहीं देता।
चीन-पाक के लिए ‘बड़ा खतरा’?
भारत के पड़ोसियों के पास भारी सैन्य शक्ति है, लेकिन ‘ध्वनि’ ने पासा पलट दिया है। वर्तमान में पाकिस्तान या चीन के पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल को मार गिरा सके। ‘ध्वनि’ का मतलब है निशाना लगा तो तबाही पक्क ीहै। इस मिसाइल की मदद से भारत बहुत कम समय में दुश्मन के कमांड सेंटर, रडार या परमाणु ठिकानों को बर्बाद कर सकता है। चीन लंबे समय से अपनी हाइपरसोनिक मिसाइलों का रौब दिखाता रहा है, लेकिन ‘ध्वनि’ के आने से अब भारत भी उसी लीग में खड़ा है।































