ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के अरावली स्थित मॉर्फोलॉजिकल रिज क्षेत्र में 473 और पेड़ काटने की अनुमति मांगने वाली डीडीए की याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि बिना निर्देशों के पूर्ण अनुपालन की पुष्टि किए किसी भी तरह का आदेश जल्दबाजी में पारित नहीं किया जाएगा।
अदालत ने घटनास्थल पर अब तक हुए कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि सड़क चौड़ी करना सेना के अस्पताल की जरूरतों के चलते अनिवार्य था। कोर्ट ने डीडीए से पूछा कि वो हिसाब दे कि 1,16,000 पेड़ों का क्या हुआ? नए पौधे कितने लगाए गए और उनमें से कितने बचे? डीडीए के वकील सीनियर एडवोकेट मनिंदर सिंह ने कहा कि रिज जंगल की बाउंड्री वॉल का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। ग्रैप की पाबंदियों के चलते उम्मीद है कि 28 फरवरी तक ये काम पूरा हो जाएगा। सीजेआई ने कहा, ‘हमें दिखाइए कि हमारे आदेश का अनुपालन कितना हुआ है।































