ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि आपके ब्रश करने की आदत का सीधा असर आपके घुटनों और जोड़ों पर पड़ सकता है? हम अक्सर दांतों की सेहत और हड्डियों के स्वास्थ्य को दो बिल्कुल अलग चीजें मानते हैं लेकिन मेडिकल साइंस एक बेहद चौंकाने वाली सच्चाई बताता है।
मसूड़ों से खून आना या पायरिया सिर्फ मुंह की बीमारी नहीं है, बल्कि यह ‘रुमेटॉइड आर्थराइटिस’ यानी गठिया भी को जन्म दे सकती है या उसे और बिगाड़ सकती है।
प्रोटींस का रूप बदलकर शरीर की इम्युनिटी को करते हैं कंफ्यूज
विशेषज्ञ चिकित्सक बताते हैं कि मसूड़ों की बीमारी और रुमेटॉइड आर्थराइटिस के बीच एक गहरा और खतरनाक कनेक्शन है। इसकी मुख्य वजह है शरीर में ‘लगातार रहने वाली सूजन’ और हमारी इम्युनिटी का रास्ता भटक जाना।
विशेषज्ञ के अनुसार, जब मसूड़ों में बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया पनपते हैं, तो वे शरीर के कुछ प्रोटीन्स का रूप बदल देते हैं। इससे हमारे शरीर की इम्युनिटी कंफ्यूज हो जाती है और गलती से अपने ही जोड़ों के टिश्यूज पर हमला कर देती है। यही कारण है कि गठिया के मरीजों में जोड़ों का दर्द और सूजन बढ़ जाती है।
डॉक्टर आगे बताते हैं कि यह कनेक्शन दोनों तरफ से काम करता है। मसूड़ों में लगातार रहने वाला इंफेक्शन खून में जाकर जोड़ों का दर्द बढ़ाता है और दूसरी तरफ गठिया के कारण शरीर की खराब हुई इम्युनिटी मसूड़ों को जल्दी संक्रमण का शिकार बना देती है। यह एक ऐसा चक्रव्यूह है, जिसमें एक बीमारी दूसरी को हवा देती है।
शरीर में कैसे फैलता है इंफेक्शन?
डेंटल विभाग के एक्सपर्ट भी इस कनेक्शन पर सहमति जताते हैं। वह बताते हैं कि जब मसूड़ों के नीचे हानिकारक बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, तो वे सिर्फ दांतों की जड़ों को ही नहीं गलाते, बल्कि वहां से भारी मात्रा में ‘सूजन पैदा करने वाले तत्व’ खून में मिल जाते हैं। खून के जरिए ये तत्व पूरे शरीर में फैलकर रुमेटॉइड आर्थराइटिस की समस्या को और खतरनाक बना देते हैं।
चिकित्सक ने गठिया के मरीजों की एक बड़ी व्यावहारिक समस्या भी उजागर की। डेंटल क्लीनिक में हम अक्सर देखते हैं कि गठिया के मरीजों के हाथों और उंगलियों में इतना दर्द व अकड़न होती है कि वे ठीक से ब्रश नहीं कर पाते। साफ-सफाई न होने से मसूड़ों की बीमारी और तेजी से बढ़ती है।
क्या है बचाव का रास्ता?
इससे बचने के लिए दोनों एक्सपर्ट एक ही उपाय बताते हैं। इस खतरनाक साइकिल को तोड़ने के लिए शुरुआत मुंह की सफाई से करनी होगी। अगर गठिया का कोई मरीज प्रिवेंटिव डेंटल केयर लें, अपने गम इन्फेक्शन का सही इलाज कराएं और रोजाना ब्रश व दांतों के बीच की सफाई का ध्यान रखें, तो पूरे शरीर में सूजन का स्तर काफी कम हो जाता है। ऐसा करने से न सिर्फ मसूड़े स्वस्थ रहते हैं, बल्कि जोड़ों के दर्द में भी चमत्कारी रूप से राहत मिलती है और मरीज की जीवनशैली सुधरती है।













