ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत के ट्रेनर और यूटिलिटी विमानों को लंबे समय तक ऑपरेशनल बनाए रखने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने एक अहम रणनीतिक कदम उठाया है। एचएएल के इंजन डिवीजन ने हनीवेल टीपीई 331 टर्बोप्रॉप इंजन के जरूरी पार्ट्स को स्वदेशी बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नवंबर 2025 के आखिरी हफ्ते में एचएएल ने एक रिक्वेस्ट फार इंफोर्मेशन (आरएफआई) जारी किया है, जिसमें भारतीय कंपनियों से इन इंजनों के लिए कास्टिंग, फोर्जिंग और तैयार स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई को लेकर जानकारी मांगी गई है। यह कदम एचएएल की अब तक की सिर्फ लाइसेंस असेंबली की भूमिका से आगे बढ़कर, पूरी तरह आत्मनिर्भर सप्लाई चेन तैयार करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इंजन तकनीक में एचएएल की पकड़
एचएएल का इंजन डिवीजन, बेंगलुरु में स्थित है और 1983 से गैरेट (अब हनीवेल) टीपीई 331 इंजन को सपोर्ट कर रहा है। पिछले 40 से ज्यादा वर्षों में एचएएल ने डीओ-228 यूटिलिटी विमान के लिए टीपीई331-5-252डी इंजन का निर्माण किया है। अब तक करीब 365 नए इंजन बनाए जा चुके हैं और 1000 से ज्यादा इंजन ओवरहॉल किए जा चुके हैं। ये इंजन वायुसेना, नेवी और कोस्टगार्ड में इस्तेमाल हो रहे हैं। अब एचएएल एक नया कैटेगरी-बी मेंटेनेंस इकोसिस्टम बनाना चाहता है, जिसमें बड़े मॉड्यूल रिपेयर और लिमिटेड लाइफ वाले पार्ट्स की रिप्लेसमेंट शामिल होगी। अभी तक इन कामों के लिए विदेशी ओईएम पर निर्भर रहना पड़ता था।
एचटीटी-40 बना सबसे बड़ा कारण
इस पूरी प्रक्रिा में एचटीटी-40 का सबसे अहम रोल है। एचएएल को स्वदेशी ट्रेनर विमानों के लिए हनीवेल का टीपीई331-12बी इंजन चाहिए,जो डीओ-228 वाले इंजन का ज्यादा ताकतवर वर्जन है। इस इंजन के लिए डील भी हो चुकी है, लेकिन हनीवेल टाइम पर इंजन नहीं सप्लाई कर पा रहा था। इंजन की लेट डिलीवरी के कारण एयरफोर्स को डिलीवर होने वाले ट्रेनर विमान की डेडलाइन आगे खिसकती ही जा रही थी। इसका समाधान निकालने के एचएएल खुद आगे आया है।
आईएएफ को 100 से ज्यादा एचटीटी-40 विमान चाहिए, ऐसे में इनके इंजन स्पेयर की लगातार उपलब्धता बेहद जरूरी हो जाती है।जुलाई 2022 में एचएएल ने हनीवेल के साथ 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था, जिसके तहत 88 इंजन सप्लाई और निर्माण का समझौता हुआ था। अब यह नया स्वदेशीकरण कदम उसी दिशा में अगला बड़ा चरण माना जा रहा है।































