ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस प्रस्ताव में आर्मी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड के लिए कई अहम सिस्टम और प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
सेना के लिए एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम को मंजूरी मिली।
वित्त वर्ष 2025-26 में डीएसी अब तक 55 प्रस्तावों को मंजूरी दे चुका है, जिनकी कुल लागत 6.73 लाख करोड़ रुपए है। इसी दौरान 503 डिफेंस डील भी साइन की गई हैं, जिनकी कीमत 2.28 लाख करोड़ रुपए है। सरकार के मुताबिक यह किसी एक वित्त वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा रक्षा खरीद और मंजूरी का आंकड़ा है।
एयरफोर्स को ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट मिलेंगे
भारतीय वायुसेना के लिए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, एस-400 मिसाइल सिस्टम, रिमोटली पायलटेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट और एसयू-30 इंजन ओवरहाल को मंजूरी दी गई।
नए ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एएन-32 और आईएल-76 की जगह लेंगे।
एस-400 सिस्टम लंबी दूरी के हवाई खतरों से सुरक्षा देगा।
ड्रोन स्ट्राइक एयरक्राफ्ट से ऑपरेशनल और सर्विलांस क्षमता बढ़ेगी।
एसयू-30 इंजन अपग्रेड से विमानों की लाइफ बढ़ेगी।
इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए होवरक्राफ्ट की मंजूरी
इंडियन कोस्ट गार्ड के लिए हेवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स को मंजूरी दी गई है। इनका उपयोग तटीय गश्त, सर्च एंड रेस्क्यू और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट में किया जाएगा।
होवरक्राफ्ट एक ऐसा वाहन होता है जो जमीन, पानी, कीचड़, बर्फ हर सतह पर चल सकता है। यह नीचे की ओर हवा का दबाव (एयर कुशन) बनाकर सतह से थोड़ा ऊपर उठकर चलता है, इसलिए घर्षण बहुत कम होता है। इसमें लगे शक्तिशाली फैन नीचे हवा भरते हैं। यह हवा कुशन बनाती है, जिससे वाहन सतह से ऊपर उठ जाता है। फिर प्रोपेलर या इंजन इसे आगे बढ़ाते हैं।













