ब्लिट्ज ब्यूरो
मस्कट। अपने तीन देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण में ओमान के सुल्तान के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओमान पहुंचे। वहां उनका भव्य स्वागत हुआ। ओमान के सुल्तान के अलावा वह राजधानी मस्कट में भारतीय समुदाय के लोगों से मिले और उन्हें संबोधित भी किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत बड़े और त्वरित फैसले लेता है, बड़े लक्ष्य तय करके आगे बढ़ता है और समयबद्ध तरीके से परिणाम देता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि ओमान के साथ हमारा रिश्ता ट्रस्ट की नींव पर बना है। दोस्ती की ताकत से आगे बढ़ा और समय के साथ गहराता चला गया। आज हमारे डिप्लोमैटिक रिश्ते भी 70 वर्ष के हो गए हैं। ये सिर्फ 70 वर्ष का उत्सव नहीं है, ये वो पड़ाव है, जहां से हमें अपनी सदियों की विरासत को एक समृद्ध भविष्य की ओर ले जाना है।
हर परंपरा एक नई सोच के साथ आती है
ओमान में भारतीय समुदाय के लोगों से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज हम एक परिवार की तरह एकत्रित हुए हैं। आज हम अपने देश को, अपनी टीम इंडिया को सेलिब्रेट कर रहे हैं।
भारत में हमारी विविधता हमारी संस्कृति का एक मजबूत आधार है। हमारे लिए हर दिन एक नया रंग लेकर आता है, हर मौसम एक नया उत्सव बन जाता है, हर परंपरा एक नई सोच के साथ आती है।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि यही कारण है कि हम भारतीय कहीं भी जाएं, कहीं भी रहें, हम विविधता का सम्मान करते हैं। हम वहां की संस्कृति, वहां के नियम-कायदों के साथ घुल-मिल जाते हैं। ओमान में भी मैं आज यही होते हुए अपनी आंखों के सामने देख रहा हूं। आज मैं मेरे सामने एक ‘मिनी इंडिया’ देख रहा हूं।
प्रधानमंत्री ने हाल ही में यूनेस्को की ओर से ‘दीपावली’ पर्व को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में शामिल किए जाने के फैसले की सराहना की।
दोनों देशों के संबंधों पर क्या बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और ओमान के बीच जो रिश्ता व्यापार से शुरू हुआ था, आज उसे शिक्षा सशक्त कर रही है। मुझे बताया गया है कि यहां के भारतीय स्कूलों में करीब 46,000 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, इसमें ओमान में रहने वाले अन्य समुदायों के भी हजारों बच्चे शामिल हैं। ओमान में भारतीय शिक्षा के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। ये हम दोनों देशों के संबंधों का एक बहुत बड़ा पड़ाव है।

























