ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली।देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर में 157वीं पासिंग आउट परेड का भव्य आयोजन हुआ। परेड में परंपरा, अनुशासन और सैन्य गरिमा का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला। भारतीय सेना को 491 नए युवा अफसर मिले हैं जो देश सेवा की मिसाल पेश करेंगे।
इस अवसर पर कठोर प्रशिक्षण पूरा कर चुके अधिकारी कैडेट्स को भारतीय सेना में कमीशन प्रदान किया गया। समारोह अकादमी के आदर्श वाक्य “वीरता और विवेक” तथा कैडेट्स के साहस, नेतृत्व और मानसिक दृढ़ता का प्रतीक रहा।
परेड की समीक्षा थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने की। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि सेना में कमीशन मिलना केवल प्रशिक्षण का समापन नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति आजीवन दायित्व और निस्वार्थ सेवा की शुरुआत है। परेड के बाद उपेन्द्र द्विवेदी ने नए अधिकारियों संग पुशअप्स भी लगाए। जिसका एक वीडियो भी सामने आया है, इसमें वह 12 सेकेंड में 18 पुशअप्स मारते हुए नजर आ रहे हैं। स्वॉर्ड ऑफ ऑनर और स्वर्ण पदक (मेरिट में प्रथम) एसीए निश्कल द्विवेदी को प्रदान किया गया। विदेशी कैडेट्स में मोहम्मद सफीन अशरफ को पदक से सम्मानित किया गया। कैडेट्स को सेना में कमीशन दिया गया।
525 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स
को मिला कमीशन
157वें रेगुलर कोर्स, 46वें टेक्निकल एंट्री स्कीम, 140वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स, 55वें स्पेशल कमीशंड ऑफिसर्स कोर्स और टेरिटोरियल आर्मी ऑनलाइन एंट्रेंस एग्जाम 2023 कोर्स के कुल 525 अधिकारी कैडेट्स सेना में कमीशंड हुए। 14 मित्र राष्ट्रों के 34 विदेशी अधिकारी कैडेट्स को भी कमीशन प्रदान किया गया। यह समारोह भारत और मित्र देशों के बीच दीर्घकालिक सैन्य सहयोग को और मजबूती देता है।
थल सेना प्रमुख का संदेश
थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने परेड के दौरान कैडेट्स के अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सहनशक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारी भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं का पालन करें और निष्ठा, प्रतिबद्धता व सम्मान के साथ राष्ट्र सेवा करें। सेना का हर अधिकारी देश की संप्रभुता और मूल्यों की रक्षा का प्रहरी होता है।
पारंपरिक ‘अंतिम पग’ के साथ परेड का समापन
समारोह के दौरान गर्वित अभिभावक, परिजन, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
परेड का समापन पारंपरिक ‘अंतिम पग’ के साथ हुआ, जब नव-नियुक्त अधिकारियों ने राष्ट्र की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा का संकल्प लेकर सैन्य जीवन की नई यात्रा शुरू की।

























