ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। यह कहानी जयपुर की 25 वर्षीय स्वाति पटेल की है। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत की सुरक्षा छोड़कर उद्यमिता की अनिश्चित राह चुनी। अमेजन और रिवोल्यूट जैसी बड़ी कंपनियों में काम करने के बावजूद स्वाति का मन हमेशा कुछ अपना शुरू करने में था। अगस्त 2025 में उन्होंने सिर्फ 10,000 रुपये की सेविंग से ‘ग्रीन फॉरेस्ट’ नाम के एक स्टार्टअप की शुरुआत की। उनका उद्देश्य लोगों को महंगे नहीं, बल्कि किफायती, फ्रेश और विदेशी सलाद उपलब्ध कराना था। महज 3 महीनों के भीतर स्वाति ने अपनी मेहनत और इनोवेशन से 3 लाख रुपये का रेवेन्यू हासिल कर साबित कर दिया कि छोटे से आइडिया से भी सफलता पाई जा सकती है।
कॉर्पोरेट नौकरी से स्टार्टअप तक का सफर
स्वाति पटेल मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। इंदौर से उन्होंने बीकॉम किया। फिर बेंगलुरु में जैन यूनिवर्सिटी से एमबीए। पिछले 5 साल से वह जयपुर में रह रही हैं। स्वाति ने जयपुर में टेक्निकल सपोर्ट भूमिकाओं में अपना करियर शुरू किया। हालांकि, उनके भीतर हमेशा एक बिजनेस शुरू करने की तड़प थी। ‘ग्रीन फॉरेस्ट’ से पहले उन्होंने आर्ट और हैंडक्राफ्टेड डेनिम के क्षेत्र में हाथ आजमाया लेकिन, वे मॉडल बड़े स्तर पर सफल नहीं हो पाए। साल 2025 में उन्होंने अपने खान-पान के शौक को बिजनेस में बदलने का फैसला किया। उन्हें खुद के लिए हेल्दी सलाद बनाना पसंद था और जब उनके दोस्तों ने उनके बनाए गए ड्रेसिंग्स की तारीफ की तो उन्होंने अपनी जमी-जमाई नौकरी छोड़कर सलाद स्टार्टअप की नींव रखने का फैसला किया।
अगस्त 2025 में स्वाति ने सिर्फ 10,000 रुपये के साथ अपने स्टार्टअप की शुरुआत की। उन्होंने लगभग 3,000 रुपये की सब्जियां और 6,000 रुपये का अन्य कच्चा माल खरीदा जबकि बाकी पैसे पैकेजिंग और लेबलिंग में लगाए। शुरुआत आसान नहीं थी। जयपुर के जीटी सेंट्रल मार्केट में पहले दिन उन्होंने मुफ्त सैंपल बांटे। इसके बाद एक कॉर्पोरेट ऑफिस के बाहर उन्हें 3 घंटे तक रिजेक्शन झेलना पड़ा लेकिन, उन्होंने हार नहीं मानी और अगले दिन जयपुर के ‘पत्रिका गेट’ पर अपना स्टाल लगाया, जहां सुबह की सैर करने वालों ने उनके सभी सलाद महज 5 मिनट में खरीद लिए।
स्विगी और जोमैटो जैसे बड़े फूड डिलीवरी एप्स पर लिस्ट होने के बाद स्वाति ने महसूस किया कि इन कंपनियों का भारी कमीशन उनके ‘किफायती’ मॉडल को नुकसान पहुंचा रहा है। अपने ग्राहकों के लिए कीमतों को कम रखने के उद्देश्य से उन्होंने इन एप्स का साथ छोड़ दिया। इसके बजाय उन्होंने व्हाट्सएप और ऑफलाइन मार्केटिंग पर फोकस किया। आज वह पूरे जयपुर में उबर और पोर्टर के जरिए डिलीवरी करती हैं। स्वाति मेयोनेज या लहसुन-प्याज के बिना खुद की विशेष ड्रेसिंग (जैसे चुकंदर, पनीर चीज और चने) तैयार करती हैं, जो ग्राहकों को बेहद पसंद आ रही हैं।
भविष्य की बड़ी है योजना
सितंबर में 10 ऑर्डर प्रतिदिन से शुरू हुआ सफर नवंबर तक 120 ऑर्डर प्रतिदिन तक पहुंच गया। पिछले तीन महीनों में स्वाति ने कुल 5,000 से अधिक ऑर्डर पूरे किए हैं और 3 लाख रुपये से ज्यादा का रेवेन्यू कमाया है। उनके सलाद की कीमत 50 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 249 रुपये तक जाती है, जिसमें एवोकैडो और ड्रैगन फ्रूट जैसे महंगे फल भी शामिल होते हैं। अपनी बहन की मदद से चल रहे इस स्टार्टअप के जरिए स्वाति अब जयपुर में एक मजबूत व्हाट्सएप कम्युनिटी बना रही हैं। उनका लक्ष्य स्वास्थ्यवर्धक भोजन को हर किसी की जेब के अनुकूल बनाना है।































