ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। शासन ने नया विधानभवन बनाने की दिशा में एक और पहल की है। प्रदेश सरकार के बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नया विधानभवन गोमतीनगर में सहारा समूह से वापस ली 245 एकड़ जमीन पर बनाने की तैयारी है। इसके लिए एलडीए कंसल्टेंट भी नियुक्त कर रहा है।
प्राधिकरण ने करीब 10 महीने पहले सहारा शहर में अपने हिस्से की 75 एकड़ जमीन को कब्जे में लिया था। सितंबर में नगर निगम ने अपने हिस्से की 170 एकड़ जमीन लीज निरस्त करने के बाद कब्जे में ली थी। इस तरह कुल 245 एकड़ जमीन खाली हो गई है। अब इसी पर नया विधानभवन बनाने की तैयारी है।
यह जगह लोकेशन और आवागमन के लिहाज से बेहतर है। शासन के निर्देश पर जमीन की पैमाइश रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। उच्च स्तर पर यह लगभग तय हो गया है कि सहारा शहर की जमीन पर विधानभवन बनाया जाएगा। कंसल्टेंट ही विधानभवन की डीपीआर और डिजाइन तैयार करेगा।
लीज निरस्त होने के बाद खाली हुई है जमीन
नगर निगम की ओर से आवासीय योजना विकसित करने के लिए सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड कंपनी को 1994 में लाइसेंस पर शर्तों के तहत 170 एकड़ जमीन 30 वर्ष की लीज पर दी गई थी। इसमें 130 एकड़ में आवासीय कॉलोनी और 40 एकड़ में ग्रीन बेल्ट विकसित की जानी थी। शर्तों के उल्लंघन पर नगर निगम ने 1997 में लाइसेंस डीड निरस्त करने का नोटिस जारी किया था। लंबे समय तक यह मामला कानूनी विवाद में उलझा रहा। बीते वर्ष लीज के 30 साल पूरे होने पर नगर निगम ने इसे बढ़ाने के बजाय जमीन का कब्जा ले लिया। इसे लेकर कहा गया कि जिन शर्तों पर सहारा को जमीन दी गई, उसने उनका उल्लंघन किया। इस कारण लीज निरस्त की गई।













