ब्लिट्ज ब्यूरो
देहरादून। हिमालय सिर्फ एक पहाड़ नहीं, बल्कि हमारी धरोहर है लेकिन इस धरोहर को बचाने और संभालने की जिम्मेदारी विदेश से आए नागरिक उठा रहे हैं। इसी प्रयास के लिए इन दिनों स्पेन की नागरिक जेमा कोलेल सुर्खियों में हैं। जेमा उत्तराखंड के दुर्गम हिमालयी क्षेत्र से अपनी पीठ पर कचरा ढो रही हैं।
जेमा वर्ष 2023 में योग सीखने और पहाड़ों में शांति का अनुभव करने के लिए उत्तराखंड आई थीं। जेमा ग्राफिक डिजायनर हैं और योग की चाहत, पहाड़ों की शांति उन्हें उत्तराखंड की वादियों में खींच लाई। उत्तराखंड आने के बाद जेमा ने ऋषिकेश में योगाभ्यास किया और उसके बाद वे पहाड़ों में घूमने के लिए निकल गईं।
जेमा ने पहाड़ों में घूमने के लिए चमोली जनपद के लोहाजंग निवासी मनोज राणा से संपर्क किया। जेमा जब पहाड़ों की ऊंची वादियों में पहुंचीं तो वहां फैले प्लास्टिक कचरे को देखकर वह हैरान रह गईं। पहाड़ों की चोटियों पर फैले कूड़े को देखकर उन्होंने हिमालयी क्षेत्र में सफाई अभियान चलाना शुरू किया। जेमा कोलेल अब तक उच्च हिमालयी क्षेत्र से 300 किलो से अधिक प्लास्टिक कचरा पीठ पर ढो कर नीचे ला चुकी हैं।
लोहागंज के लोगों के साथ मिलकर हिमालय साफ कर रहीं
यहां कचरा ढोने के साथ-साथ वह लोहाजंग में रहकर स्थानीय लोगों को भी हिमालय क्षेत्र को साफ रखने और इनका संरक्षण करने के लिए जागरूक कर रही हैं। जेमा का कहना है कि यदि स्थानीय लोगों के साथ ही हिमालय पर घूमने के लिए आने वाले लोग अब भी जागरूक नहीं हुए तो हिमालय केवल तस्वीरों में ही दिखाई देगा। यहां के लोगों को भी यह आदत डाल लेनी चाहिए कि वह अपना कचरा साथ लेकर वापस जाएं।
जेमा ने समूह बनाया
बता दें कि जेमा और मनोज ने मिलकर ‘द 108 पीक-क्लीन माउंटेन सेफ माउंटेन’ नाम से एक समूह बनाया हुआ है। इस संस्था के जरिए मनोज और जेमा पर्वतारोहण करवाने के साथ-साथ सफाई अभियान भी चला रहे हैं और लोगों को पहाड़ों पर कचरा न फैलाने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं। इसके लिए यह दोनों स्कूलों, गांव और ट्रैकिंग रूट पर जाकर पर्यटकों, बच्चों और स्थानीय लोगों को ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझा रहे हैं।
जेमा लोगों को कर रहीं जागरूक
बता दें कि अब तक जेमा ने औली वेदनी बुग्याल, चंद्रशिला, धर्मावली, लॉर्ड कर्जन ट्रैक सहित कई क्षेत्रों में सफाई अभियान चलाया है। जेमा का कहना है कि यूं तो उत्तराखंड को देवभूमि कहा जाता है, लेकिन देवभूमि को लोग गंदा कैसे कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि स्पेन में लोग अपना कूड़ा साथ लेकर चलते हैं, लेकिन यहां के लोगों में अभी तक यह आदत नहीं दिखाई दी है। यदि पहाड़ों पर जाने वाले लोग अपना कूड़ा साथ वापस लेकर आएं तो पहाड़ों में खुद ही सफाई बनी रहेगी और पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा।

























