ब्लिट्ज ब्यूरो
नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तर-दक्षिण ग्रीन एक्सप्रेसवे को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि इस नए एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से चेन्नई की दूरी 320 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रा का समय 15 घंटे घटेगा।
कार से दिल्ली–चेन्नई का सफर सिर्फ 12 घंटे में, ट्रक से यह दूरी 20 घंटे में तय होगी। यह जानकारी गडकरी ने नागपुर में सीआईआई द्वारा आयोजित लॉजिस्टिक्स कॉन्क्लेव के दौरान दी।
सूरत तक काम पूरा, अगले फेज को मंजूरी
गडकरी ने बताया कि गुजरात के सूरत तक हाईवे का निर्माण पूरा हो चुका है। कैबिनेट ने अगले चरण को भी मंजूरी दे दी है।
अभी दिल्ली से चेन्नई जाने वाला रास्ता सूरत–मुंबई–पुणे–कोल्हापुर या सोलापुर से होकर जाता है, लेकिन नया ग्रीन एक्सप्रेसवे सीधा और तेज रूट उपलब्ध कराएगा।
नया एक्सप्रेसवे सूरत–नासिक–अहिल्यानगर (पूर्व में अहमदनगर) अक्कलकोट–कुरनुल होते हुए चेन्नई तक जाएगा।
इस प्रोजेक्ट से हैदराबाद, बेंगलुरु और कन्याकुमारी जैसे बड़े शहर जुड़ेंगे कई रूट्स पर यात्रा का समय काफी कम होगा।
गडकरी के मुताबिक, दिसंबर तक बेंगलुरु–चेन्नई सिर्फ 2 घंटे में बेंगलुरु–मैसूर सिर्फ 1 घंटे में तय होगा
दिल्ली–कटरा व श्रीनगर रूट पर भी बड़ी राहत
दिल्ली–जयपुर
दिल्ली–अमृतसर
दिल्ली–कटरा-श्रीनगर रूट
इन सभी रूट्स पर यात्रा के समय में भारी कमी आएगी। इससे, ईंधन की खपत घटेगी, देश की लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी
गडकरी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में भारत की लॉजिस्टिक्स लागत चीन से भी कम हो सकती है।
हाइड्रोजन ट्रकों पर सरकार का जोर
छह महीने पहले हाइड्रोजन से चलने वाले 3 ट्रकों का उद्घाटन
देशभर में हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाने की तैयारी
सरकार वैकल्पिक ईंन्धन को बढ़ावा देने पर तेजी से काम कर रही है।
भारत–बांग्लादेश जलमार्ग
जल्द होगा शुरू
नितिन गडकरी ने बताया कि भारत से बांग्लादेश के लिए जलमार्ग 2–4 दिनों में शुरू होने की संभावना है। हल्दिया पोर्ट से ढाका तक बार्ज के जरिए सीधा कंटेनर ट्रांसपोर्ट शुरू होगा। इससे ट्रांसपोर्टेशन लागत में करीब 50% की बचत होगी
वॉटरवे से साउथ-ईस्ट एशिया तक एक्सपोर्ट
यह जलमार्ग भारत के एक्सपोर्ट को बांग्लादेश के साथ-साथ इंडोनेशिया, मलेशिया और चीन तक पहुंचाने में मदद करेगा
अभी नागपुर क्षेत्र का कार्गो मुंबई के जेएनपीटी पोर्ट कोलंबो होते हुए ढाका पहुंचता है लेकिन नए रूट से हल्दिया से ढाका तक सीधा ट्रांसपोर्ट संभव होगा।
नागपुर से ट्रांसमिशन टावर, कॉटन, ट्रैक्टर समेत कई उत्पाद बांग्लादेश को एक्सपोर्ट किए जाते हैं।
































