राजेश दुबे
नई दिल्ली। उन्नाव रेप केस के दोषी पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा सस्पेंड होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसमें सेंगर की सजा निलंबित कर दी गई थी।
सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों वाली बेंच ने उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को नोटिस भी जारी किया है। उन्नाव रेप केस में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को दिल्ली हाई कोर्ट ने निलंबित कर दिया था और उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया था। सीजेआई ने कहा कि हाई कोर्ट के जिस जज ने फैसला सुनाया है, वह बहुत अच्छे जज हैं। हालांकि गलती किसी से भी हो सकती है।
बता दें कि सीबीआई ने हाई कोर्ट के फैसले को कानून के खिलाफ, गलत और समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका फाइल की। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर की सजा को सस्पेंड करके पॉक्सो एक्ट के लक्ष्य को ही नजरअंदाज कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई से पहले पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता भी मौजूद थीं। एजेंसी का कहना है कि हाई कोर्ट यह समझ ही नहीं पाया कि सेंगर विधायक थे और वह जनता के विश्वास के पद पर थे। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी आम नागरिक से कहीं ज्यादा बनती है। ऐसे में उनका दोषी पाया जाना भी बहुत बड़ी बात है।
सुनवाई के दौरान क्या तर्क दिए गए?
सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बच्ची के साथ हुआ बलात्कार बेहद भयावह है। उस समय वह 16 साल की भी नहीं थी। आईपीसी की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत आरोप तय किए गए थे।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अगर कोई कॉन्स्टेबल ड्यूटी पर है और वह ऐसा काम करता है तो वह दोषी साबित होगा। कोई आर्मी ऑफिसर ऐसा काम करता है तो वह भी एग्रिवेटेड सेक्शुअल असॉल्ट का दोषी होगा। वहीं अगर कोई ऐसा व्यक्ति जिसे पॉक्सो की धारा में पब्लिक सर्वेंट नहीं कहा गया है लेकिन उसके पास जिम्मेदार ओहदा है तो वह भी दोषी होना चाहिए। इस पर सीजेआई ने कहा कि आपके कहने का मतलब है कि अगर कोई बड़े पद पर है और कोई उसके पास मदद के लिए आता है और उसके साथ गलत होता है तो इसे अग्रेवेटेड एक्ट माना जाए।
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