ब्लिट्ज ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड में राशन पर बड़ा अपडेट सामने आया है। उत्तराखंड के 22 लाख से ज्यादा राशन कार्ड धारकों को सरकार जून में तीन महीने का राशन एक साथ देगी। केंद्र सरकार ने इस बाबत सभी राज्यों को आदेश किए हैं। तीस जून तक सभी राज्यों को अपने उपभोक्तओं को अगस्त माह तक का अनाज देना होगा।
इस फैसले को पाकिस्तान के साथ जारी तनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। इससे पहले कोरोना महामारी के दौरान भी लोगों को दो से तीन महीने का राशन एक साथ दिया गया था। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के उपनिदशक राहुल सिंह का आदेश राज्य सरकार को मिल गया।
केंद्र सरकार ने जून अंत तक इस राशन का वितरण करने को कहा है। संपर्क करने पर अपर आयुक्त-खाद्य पीएस पांगती ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य में आगामी तीन माह के लिए खाद्यान्न की प्रचुर उपलब्धता है। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। केंद्र ने हालांकि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना-एनएफएसए के तहत अनाज आवंटन किया है।
एनएसफएस के तहत राज्य में 12 लाख से ज्यादा कार्ड धारक हैं। जबकि राज्य खाद्य योजना-एसएफएसएस के तहत कार्ड की संख्या दस लाख के करीब है। राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड धारकों को राज्य सरकार स्वयं रियायती मूल्य पर गेहूं-चावल मुहैया कराती है। एसएफएसएस कार्ड धारकों के लिए राज्य में पर्याप्त राशन उपलब्ध है।
यूं मिलता है अनाज
एनएफएसए के तहत राशन कार्ड में दर्ज प्रति व्यक्ति को दो रूपये किलो के हिसाब से दो किलो गेहूं और तीन रुपये किलो के हिसाब से तीन किलो चावल मिलता है। कोरोना काल से सरकार यह राशन निशुल्क दे रही है। एसएफएसएस के तहत प्रति राशन कार्ड 11 रुपये किलो के हिसाब से 7.5 किलो चावल मिलता है।

























