ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। थर्मल पावर प्लांट से निकली राख ( फ्लाई एश ) कभी पावर प्लांट के लिए सिर दर्द का सबब थी लेकिन जबसे इसका उपयोग सड़क बनाने, सीमेंट या ईं ंट बनाने में हो रहा है, इसे लेने के लिए बिजली घर के बाहर ट्रकों की लाइन लगी रहती है। अब रेलवे नबिजली घर की इसी राख या छाई से करोड़ों रुपये की कमाई की पुख्ता योजना बना रहा है।
बेहद गंभीर है रेलवे
राख या छाई की ढुलाई के प्रति रेलवे कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद रुचि ले रहे हैं। इसी सप्ताह रेलवे बोर्ड में इस बारे में जब एक उच्च स्तरीय बैठक हुई तो खुद रेल मंत्री उसमें शामिल थे।
डेडिकेटेड लॉजिस्टिक नेटवर्क बनाने की योजना
रेलवे बोर्ड के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि रेल मंत्री ने जो एक उच्च स्तरीय बैठक की, उसमें कई बातों पर चर्चा हुई। इस दौरान बिजली घर से निकली राख की ढुलाई में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए क्या हो सकता है, उसके विकल्पों पर भी विचार किया गया। सूत्र बताते हैं कि इस छाई की ढुलाई के लिए रेलवे एक डेडिकेटेड लॉजिस्टिक नेटवर्क भी बना सकता है। थर्मल पावर प्लांट से निकलने वाली छाई की ढुलाई अभी ज्यादातर ट्रकों से ही होती है।













