ब्लिट्ज ब्यूरो
कुल्लू। हिमाचल क्षत्रिय महासंघ द्वारा सनातन खालसा एकता तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश और पंजाब के लोगों के बीच शांति बनाए रखने के उद्देश्य से इस यात्रा का आयोजन हो रहा है। यात्रा 18 अप्रैल को कुल्लू से शुरू हो गई और पंजाब के अमृतसर में दुर्गयाना मंदिर और हरमिंदर साहिब तक जाएगी। इसमें सनातन धर्म और खालसा पंथ के युवा भी भाग ले रहे हैं।
हिमाचल क्षत्रिय महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र राजपूत ने बताया कि पिछले कुछ सालों से कुछ असामाजिक तत्व बिना वजह विवाद फैला रहे हैं, जिससे हिंदू और सिख धर्म का भाईचारा प्रभावित हो रहा है। होली के दौरान कुछ शरारती तत्व हुड़दंग मचाते हैं, जिससे दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ जाता है। ऐसे में समाज में आपसी सद्भाव और शांति बनाए रखने के लिए क्षत्रिय कल्याण संघ ने यात्रा में शामिल सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
दोनों धर्मों के सम्मान के लिए यात्रा
में शामिल होंगी गाड़ियां
जितेंद्र राजपूत ने बताया कि सनातन धर्म में सिख धर्म का सम्मान है और पंजाब के साथ भी लोगों के आपसी रिश्ते बने रहें, इसके लिए इस तिरंगा यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा के माध्यम से दोनों राज्यों के बीच आपसी शांति बनी रहे और धार्मिक यात्राएं शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सकें। हिमाचल से अमृतसर के सफर के दौरान जगह-जगह लोगों को इस यात्रा के उद्देश्य के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस दौरान पंजाब से भी कई खालसा पंथ के युवा इस यात्रा में हिस्सा लेंगे।













