ललित दुबे
वाशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने जून 2025 के लिए वीजा बुलेटिन जारी कर दिया है। इसमें उन भारतीय वर्कर्स के लिए जरूरी जानकारी है, जो नौकरी के आधार पर ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। बुलेटिन में फाइनल एक्शन डेट में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है, जिसका मतलब है कि भारतीय वर्कर्स के लिए ग्रीन कार्ड का इंतजार लंबा होने वाला है। ग्रीन कार्ड के जरिए अमेरिका में स्थायी रूप से रहने की इजाजत मिलती है। आइए जानते हैं कि वीजा बुलेटिन में क्या जानकारी दी गई है।
दुनियाभर के आवेदकों के बीच ग्रीन कार्ड की काफी ज्यादा डिमांड होती है। इस वजह से भारत उन चार देशों में शामिल है, जहां वीजा कोटे पर असर पड़ता है। इन देशों में चीन, मेक्सिको और फिलीपींस भी शामिल हैं। यूएससीआईएस ने हर देश को मिलने वाले ग्रीन कार्ड की एक लिमिट तय की है। ये लिमिट परिवार और नौकरी के आधार पर दिए जाने वाले वीजा की कुल संख्या का 7% है। इस वजह से भारत को हर साल सिर्फ 25,620 ग्रीन कार्ड ही मिलते हैं। वित्तीय वर्ष 2025 में परिवार के आधार पर ग्रीन कार्ड की लिमिट 2,26,000 है, जबकि नौकरी के आधार पर ग्रीन कार्ड की लिमिट कम से कम 1,40,000 है। ग्रीन कार्ड पाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए वीजा बुलेटिन को समझना जरूरी है। इसमें आपको पता चलता है कि इमिग्रेशन स्टेटस कब बदलेगा और कब आवेदन करना है। वीजा बुलेटिन में दो मुख्य चीजें होती हैं, जिसमें पहला डेट्स फॉर फाइलिंग है, जो बताती है कि कब आवदेन जमा करना है। इससे पता चलता है कि आप किस वीजा कैटेगरी और देश के हिसाब से कब फाइलिंग शुरू कर सकते हैं।
दूसरा फाइनल एक्शन डेट्स है, जो बताता है आपके आवेदन को अप्रूव होने में कितना समय लगेगा। यह एक तरह से लाइन है, जिसमें आपको अपनी बारी का इंतजार करना होता है। इससे आपको पता चलता है कि आपका आवेदन कब प्रोसेस होगा।
नौकरी के आधार पर कितनी कैटेगरी में ग्रीन कार्ड मिलता है?
नौकरी के आधार पर ग्रीन कार्ड को स्किल और अनस्किल्ड वर्कर्स, प्रोफेशनल्स और इंवेस्टर्स के बीच बांटा गया है। कुल मिलाकर नौकरी और निवेश के आधार पर ग्रीन कार्ड देने के लिए पांच प्रमुख कैटेगरी होती हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।
प्राथमिकता वाले वर्कर्स: इस कैटेगरी में नौकरी आधारित ग्रीन कार्ड का 28.6% मिलता है। इसमें वो वर्कर्स आते हैं, जो अपने क्षेत्र में असाधारण क्षमता वाले लोग हैं। प्रोफेसर्स, रिसर्चर्स और मल्टी नेशनल कंपनियों के अधिकारी और वर्कर्स को इसी कैटेगरी के तहत ग्रीन कार्ड मिलता है।
एडवांस डिग्री वाले प्रोफेशनल्स या असाधारण क्षमता वाले लोग: इस कैटेगरी को भी नौकरी आधारित ग्रीन कार्ड का 28.6% मिलता है।
इस कैटेगरी में उन लोगों को ग्रीन कार्ड दिया जाता है, जिनके पास अडवांस डिग्री है और वे अपनी फील्ड में असाधारण क्षमता रखते हैं। स्किल वर्कर्स, प्रोफेशनल्स और अन्य वर्कर्स: इस कैटेगरी में भी ग्रीन कार्ड का 28.6% कोटा मिलता है। भारत से जाने वाले ज्यादातर वर्कर्स इसी कैटेगरी में आते हैं, क्योंकि वे टेक, फाइनेंस जैसे सेक्टर्स में काम करते हैं, जहां स्किल वर्कर्स और प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है।
कुछ खास इमिग्रेंट: धार्मिक वर्कर्स, अमेरिकी विदेश सेवा के कुछ कर्मचारी और वे लोग जिन्होंने अमेरिकी सेना में सेवा की है, उन्हें इस कैटेगरी के तहत ग्रीन कार्ड दिया जाता है। इस कैटेगरी को कुल ग्रीन कार्ड का 7.1% मिलता है। एंप्लॉयमेंट क्रिएशन: इस कैटेगरी को भी कुल ग्रीन कार्ड का 7.1% मिलता है। ये कैटेगरी उन लोगों के लिए है, जो निवेश कर ग्रीन कार्ड हासिल करना चाहते हैं। ग्रामीण और शहरी इलाकों में निवेश करने वाले लोगों के लिए कोटा अलग-अलग है। प्राथमिकता वाले वर्कर्स के लिए डेट्स फॉर फाइलिंग में कोई बदलाव नहीं देखा गया है, वो 15 अप्रैल 2022 ही बनी हुई है।













