ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। घर से दूर रहकर पढ़ाई करना और मुश्किल हालात में भी लक्ष्य पर ध्यान रखना सफलता के जरूरी है। यूपीएससी एग्जाम पास करने के लिए युवा जी-तोड़ मेहनत करते हैं। इस सफर में संघर्ष और चुनौतियां भी रहती हैं। गांव में पली-बढ़ी तनु सिंह की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने पहले बीपीएससी और फिर चौथे प्रयास में यूपीएससी एग्जाम क्रैक किया और आईपीएस अफसर बनीं। इस सक्सेस स्टोरी में उनकी यात्रा बताती है कि सही मेहनत और आत्मविश्वास से बड़ी सफलता पाई जा सकती है।
एक इंटरव्यू में तनु बताती हैं कि वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गौरीबाजार गांव की निवासी हैं। उनके पिता रणजीत सिंह इंडियन आर्मी में नायक रहे। उनकी माता सीमा सिंह गृहिणी हैं। उन्होंने आर्मी पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूलिंग और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया है।
बीपीएससी क्रैक के बाद इस पद पर चयन
ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वह पटना चली गईं और सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। लगातार मेहनत व मजबूत फोकस से उन्होंने बीपीएससी परीक्षा पास की। उनका चयन ब्लॉक पंचायती राज अधिकारी के पद पर हुआ लेकिन वह यूपीएससी की तैयारी में लगी रहीं।
3 प्रयासों में नहीं मिली सफलता
यूपीएससी के पहले 3 प्रयासों में उन्हें असफलता मिली। जाॅब के साथ-साथ तैयारी में चुनौतियां थीं लेकिन वह आगे बढ़ती रहीं। अपने चौथे प्रयास के लिए उन्होंने रिवीजन पर फोकस किया और सेल्फ मोटिवेशन से तैयारी को आगे बढ़ाया।
यूपीएससी सीएसई 2022 में 540वीं रैंक
यूपीएससी सीएसई 2022 यानी चौथे अटेम्प्ट में वह यूपीएससी एग्जाम पास कर पाईं। इस साल परीक्षा में उन्होंने 540 रैंक हासिल की।
अपने पिता को मानती हैं आदर्श
तनु अपने पिता को अपना आदर्श मानती हैं। उनका कहना है कि पिता ने कभी उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला बल्कि हमेशा भरोसा और समर्थन दिया। तनु की सफलता की कहानी उन युवाओं को मोटिवेट करती है जो चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ते हैं और अपना सपना पूरा करते हैं।

























