ब्लिट्ज ब्यूरो
अहमदाबाद। गुजरात में अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने साबरमती नदी पर बने 52 साल पुराने सुभाष पुल के जीर्णोद्धार और उसके दोनों ओर दो नई लेन के निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। सुभाष पुल अहमदाबाद के रानीप और शाहीबाग क्षेत्रों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इसमें दरार आने के कारण इस महीने की शुरुआत में 4 दिसंबर को इसे बंद कर दिया गया था।
इस बारे में नगर निगम ने प्रेस नोट जारी करते हुए बताया कि इस पुल का निर्माण 1973 में हुआ था, और पिछले 52 सालों से यह ब्रिज बिना किसी बड़ी समस्या के लोगों के काम आ रहा था। हालांकि इस साल चार दिसंबर को पुल में दरारें और ऊपरी ढांचे में धंसाव देखे जाने के बाद इसे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। इसके बाद बहुत सारे विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाकर उनके द्वारा इस ब्रिज का निरीक्षण करवाया गया और साथ ही पुल की मजबूती जांचने के लिए बहुत सारे टेस्ट भी करवाए गए। संरचनात्मक मजबूती के लिए आईआईटी रुड़की और एसवीनिट से भी जांच करवाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि विशेषज्ञों के आकलन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि मौजूदा पुल के ऊपरी ढांचे को ध्वस्त करना जरूरी है। साथ ही बताया कि शहर में बढ़ती यातायात मांग को ध्यान में रखते हुए निगम ने परियोजना को जीर्णोद्धार तक ही सीमित न रखने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही मौजूदा पुल के दोनों ओर अतिरिक्त नई लेन के निर्माण करने का भी फैसला किया है। विज्ञप्ति में कहा गया है, पूरी परियोजना की कुल अनुमानित लागत 250 करोड़ रुपए है और इसे ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल के तहत कार्यान्वित किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए नगर निगम कमिश्नर बंचानिधि पाणि ने कहा, ‘अहमदाबाद में सुभाष ब्रिज पिछले 52 साल से ज्यादा वक्त से सेवाएं दे रहा है। 4 दिसंबर को इसमें कुछ दरारें देखी गईं, जिसके बाद अहमदाबाद नगर निगम ने इसे तुरंत बंद कर दिया। इसके बाद बहुत सारे विशेषज्ञों की एक कमेटी बनाकर उनकी विजिट इस ब्रिज पर करवाई गई। इसके साथ ही पुल की मजबूती जांचने के लिए बहुत सारे टेस्ट भी करवाए गए। एक्सपर्ट कमेटी की अनुशंसा के आधार पर नगर निगम ने दो चरणों में इस ब्रिज को ठीक करने और एक नया ब्रिज बनाने का निर्णय लिया है।’
इसके पहले चरण में वर्तमान के तीन लेन वाले ब्रिज को रिस्टोर किया जाएगा। इस दौरान उसके सुपर स्ट्रक्चर को गिराकर सब स्ट्रक्चर को माइक्रो-कंक्रीट जैकेटिंग का इस्तेमाल करके मजबूत किया जाएगा। फिर फोर लेन का 3 मीटर काम किया जाएगा। दूसरे भाग में पुल के दाईं ंऔर बाईं ं तरफ 9-9 मीटर का निर्माण दो साल में पूरा किया जाएगा। पहले चरण का काम नौ महीने में पूरा होगा, इसके बाद इस पुल को आम लोगों के लिए खोला जाएगा। फिर दूसरे चरण का काम चालू करके दो साल में पूरा किया जाएगा और इसके बाद पुराने ब्रिज को भी लोगों के लिए खुला रखा जाएगा।

























