ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। न्यूजीलैंड में विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद देश में रुककर जॉब करने की इजाजत मिलती है। इसके लिए यहां की सरकार पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा देती है। ये वीजा अधिकतम तीन साल तक के लिए मिलता है। आमतौर पर वीजा की अवधि इस बात पर निर्भर करती है कि स्टूडेंट की क्वालिफिकेशन क्या है। वीजा ड्यूरेशन सीधे तौर पर पढ़ाई के लेवल और उसकी समयसीमा से जुड़ी हुई है। भले ही पढ़ाई तय समय से ज्यादा वक्त में खत्म हो, लेकिन वीजा की अवधि बढ़ नहीं सकती।
इस नीति में साफ नियम बताए गए हैं कि ग्रेजुएट्स अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्क एक्सपीरियंस हासिल करने के लिए कितने समय तक देश में रह सकते हैं। भारतीय छात्र बड़ी संख्या में अब न्यूजीलैंड पढ़ने जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें ये भी मालूम होना चाहिए कि उन्हें कितने वक्त तक के लिए देश में पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा मिल सकता है।
जिन स्टूडेंट्स ने मास्टर्स या डॉक्टोरल डिग्री हासिल की है। साथ ही कम से कम 30 हफ्ते तक पढ़ाई की है, वो न्यूजीलैंड में 3 साल तक के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क वीजा पा सकते हैं। जिन छात्रों ने लेवल 8 या उससे नीचे की पढ़ाई की है, उनके लिए वीजा की अवधि उनके कोर्स की अवधि के बराबर है। लेवल 8 से नीचे बैचलर्स की पढ़ाई आती है। इमिग्रेशन अधिकारी इसकी कैलकुलेशन यूनिवर्सिटी द्वारा जारी किए गए आधिकारिक ऑफर लेटर के आधार पर करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर एडमिशन ऑफर लेटर में किसी कोर्स की अवधि 32 सप्ताह के रूप में लिस्ट है, तो पोस्ट स्टडी वर्क वीजा भी 32 हफ्ते के लिए ही मिलेगा।
पढ़ाई में देरी पर नहीं मिलेगा एक्सटेंशन
अधिकारियों ने साफ किया है कि कोर्स पूरा करने में देरी से वीजा की अवधि नहीं बढ़ेगी। अगर कोई स्टूडेंट कोर्स के दौरान फेल हो जाता है या निर्धारित समय से ज्यादा वक्त में कोर्स पूरा करता है, तो भी वीजा की अवधि कोर्स की असली अवधि के आधार पर ही तय होगी। ऐसे मामलों में, इमिग्रेशन अधिकारी स्टूडेंट की पढ़ाई से जुड़ी डिटेल्स को वेरिफाई करने के लिए यूनिवर्सिटी से अतिरिक्त जानकारी मांग सकते हैं।













