ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। क्या एक वर्ष का बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) कोर्स फिर से शुरू हो पाएगा? टीचर की सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं में इसे लेकर असमंजस बढ़ गया है। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने पिछले वर्ष जनवरी में ड्रॉफ्ट रेगुलेशंस में एक वर्ष के बीएड कोर्स की बहाली शामिल की गई थी और एक वर्ष का कोर्स लागू करने की तैयारी भी चल रही थी लेकिन विगत माह को लोकसभा में एक लिखित सवाल के जवाब में कहा गया कि इस बार से ऐसा नहीं होगा।
दरअसल, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत बैचलर ऑफ एजुकेशन कोर्स की अवधि घटाकर एक साल करने की तैयारी चल रही है। चार साल वाले डिग्री कोर्स या पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री धारकों के लिए एक साल में बीएड करने का मौका मिलेगा। लोकसभा में बीएड एडमिशन 2026 को लेकर सवाल पूछा गया कि क्या इसी साल से बीएड कोर्स एक साल का हो जाएगा? इस पर शिक्षा मंत्रालय की ओर से जवाब में बताया गया कि वर्तमान में बीएड कार्यक्रम की अवधि को एक वर्ष तक बहाल करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
2014 में बंद हुआ था एक वर्ष का कोर्स
2014 में एक वर्ष का बीएड कोर्स बंद कर दिया गया था और 2015 में इस कोर्स के आखिरी बैच ने पढ़ाई पूरी की थी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के मुताबिक देश में ग्रेजुएशन लेवल पर चार वर्ष का कोर्स लागू किया गया। उसके बाद एनसीटीई के ड्रॉफ्ट रेगुलेशंस में कहा गया कि एक वर्ष का बीएड कोर्स वे छात्र कर पाएंगे, जिन्होंने या तो चार साल की ग्रेजुएशन की होगी या फिर पोस्ट ग्रेजुएशन के बाद वे इस कोर्स के लिए एलिजिबिल होंगे।
जो छात्र तीन साल की ग्रेजुएशन करेंगे, वे दो साल के बीएड कोर्स के लिए एलिजिबिल होंगे। देश में अब काफी यूनिवर्सिटी में चार साल की ग्रेजुएशन शुरू हो चुकी है।
चार साल का कोर्स करने के बाद जो छात्र टीचर बनना चाहते हैं, उनके लिए एक वर्ष की बीएड कोर्स का लक्ष्य रखा गया था लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय के इस जवाब के बाद एक वर्ष का कोर्स शुरू होने की संभावनाएं फिलहाल तो नजर नहीं आ रही हैं।













