गुलशन वर्मा
नई दिल्ली। भारत सरकार ने अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने करीब 79,000 करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इस खरीद की सबसे खास बात यह है कि ये सभी हथियार और उपकरण ‘स्वदेशी’ होंगे, यानी इन्हें भारत में ही बनाया जाएगा। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा 200 किमी रेंज वाली अस्त्र मिसाइल और 120 किमी रेंज वाले पिनाका रॉकेट की है। रक्षा मंत्रालय की ‘डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल’ (डीएसी) ने जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, वे भारतीय सेना के तीनों अंगों यानी थल सेना, नौसेना और वायुसेना को और भी शक्तिशाली बनाएंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि भारत अब अपनी जरूरतों के लिए विदेशी कंपनियों के बजाय घरेलू कंपनियों पर भरोसा करेगा।
क्या है अस्त्र मिसाइल?
भारतीय वायुसेना के लिए एस्ट्रा-एमके2 मिसाइल एक बड़ा गेमचेंजर साबित होने वाली है। अभी तक भारत के पास जो अस्त्र मिसाइल है, उसकी रेंज करीब 110 किमी है लेकिन अब जो नई मिसाइल आएगी, वह 200 किलोमीटर दूर उड़ रहे दुश्मन के विमान को मार गिराएगी। वहीं, इतनी लंबी रेंज होने का फायदा यह है कि भारतीय पायलट दुश्मन के रडार में आए बिना ही दूर से हमला कर सकेंगे। इन मिसाइलों को हमारे सुखोई-30 एमकेआई और स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमानों में लगाया जाएगा।
सरकार ने 79,000 करोड़ के रक्षा प्रस्तावों को दी मंजूरी
लंबी दूरी की एस्ट्रा-एमके 2 मिसाइलें भी इसमें शामिल
और क्या-क्या मिलेगा?
सिर्फ मिसाइल और रॉकेट ही नहीं, इस बजट में और भी कई महत्वपूर्ण चीजें शामिल हैं।
हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा
भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के लिए ‘इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर’ (ईडब्ल्यू) सूट खरीदे जाएंगे, जो दुश्मन की मिसाइलों को भ्रमित कर देंगे।
नौसेना के लिए गश्ती जहाज
नौसेना की सुरक्षा बढ़ाने के लिए नए गश्ती जहाजों को मंजूरी दी गई है।
क्या है पिनाका रॉकेट?
थल सेना के लिए पिनाका रॉकेट सिस्टम हमेशा से ही भरोसेमंद रहा है, लेकिन अब इसे और भी घातक बना दिया गया है। पहले पिनाका की रेंज कम थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 120 किलोमीटर तक कर दिया गया है। नए पिनाका रॉकेट्स में ‘गाइडेड’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, यानी ये रॉकेट हवा में अपना रास्ता बदल सकते हैं और सीधे लक्ष्य पर ही गिरते हैं। चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर इन रॉकेट्स की तैनाती से दुश्मन के बंकरों और ठिकानों को मिनटों में तबाह किया जा सकेगा।

























