ब्लिट्ज ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से 74.3 किलोमीटर लंबा नया ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे तैयार किया जाएगा। यह लिंक बुलंदशहर के सियाना इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे के 44.3 किलोमीटर बिंदु से प्रारंभ होकर ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-21 फिल्म सिटी के निकट यमुना एक्सप्रेसवे के 24.8 किलोमीटर पॉइंट से मिलेगा।
प्रोजेक्ट के लिए 16 गांवों से लगभग 740 एकड़ जमीन का अधिग्रहण यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा किया जाएगा, जबकि कुल 56 गांव प्रभावित होंगे जिनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं। इस परियोजना पर कुल 1246 करोड़ रुपये का खर्चा होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले ही इसके लिए बजट स्वीकृति प्रदान कर दी है। भूमि अधिग्रहण जनवरी 2026 से शुरू होने की संभावना है।
यह नया लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी के सेक्टर-4, 4ए, 5, 5ए, 10, 11, 21, 28, 33, 34 समेत अन्य क्षेत्रों को सीधे जोड़ेगा। इनमें सेक्टर-5ए को जापानी शहर, 4ए को कोरियाई क्षेत्र, 11 को फिनटेक हब और 21 को फिल्म सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है। सेक्टर-5 मुख्य रूप से आवासीय उद्देश्यों के लिए आरक्षित रहेगा।
सेक्टर-10 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्लस्टर, सेक्टर-28 में सेमीकंडक्टर और मेडिकल उपकरण पार्क स्थापित होंगे, जबकि सेक्टर-33 और 34 में सामान्य औद्योगिक कार्य होंगे। इस प्रोजेक्ट का निर्माण यूपीडा द्वारा किया जाएगा। कुल 56 गांवों की भूमि पर विकास कार्य होंगे, जिसमें गौतमबुद्ध नगर जिले के 8 और बुलंदशहर जिले के 48 गांव शामिल हैं। इनमें खुर्जा तहसील के 14 गांव, शेष सियाना, बुलंदशहर सदर और शिकारपुर क्षेत्रों से होंगे। जमीन खरीद से लेकर एक्सप्रेसवे के निर्माण तक पूरा खर्च यूपीडा उठाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे के यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ने पर मेरठ से प्रयागराज तक की इस सड़क से नोएडा एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा-ग्रेटर नोएडा तक के रास्ते आसानी से जुड़ जाएंगे। देश-विदेश से आने वाले यात्रियों को इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से मेरठ से प्रयागराज तक भी सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। नोएडा एयरपोर्ट से जुड़ने पर गंगा एक्सप्रेसवे की उपयोगिता और बढ़ जाएगी। लिंक एक्सप्रेसवे का यमुना सिटी के औद्योगिक सेक्टर-28, 29, 32, 33 से भी सीधा जुड़ाव होगा। इससे कार्गो के वाहनों को एयरपोर्ट तक पहुंचने या इससे जुड़े रूट पर पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही लिंक एक्सप्रेसवे को एनएच 34 से भी जोड़ा जा सकता है।
यमुना सिटी के विभिन्न सेक्टरों को आपस में जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेसवे के कुल 20 किलोमीटर में से 11 किलोमीटर भाग नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित होगा। यह 130 मीटर चौड़ा एक्सप्रेसवे होगा, जिसमें बीच में 80 मीटर का मुख्य कैरिजवे (वाहनों के लिए) तथा दोनों ओर 25-25 मीटर की चौड़ी सर्विस लेन बनेंगी जो सेक्टरों से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगी। शेष 9 किलोमीटर का हिस्सा यमुना एक्सप्रेसवे की भांति ऊंचाई पर तैयार होगा। यहां चोला में रेलवे लाइन समेत अन्य कारणों से कनेक्टिविटी के लिए अंडरपास बनाए जाएंगे, जैसे यमुना एक्सप्रेसवे पर बने हुए हैं।
इन गांवों से होगा भूमि अधिग्रहण
गौतमबुद्ध नगर में जेवर तहसील के मेहंदीपुर बांगर, भाईपुर ब्रहमनान, रबुपूरा, भुन्नातगा, म्याना, फाजिलपुर और कल्लूपुरा।
खुर्जा तहसील के अमानुल्लापुर उर्फ मारहरा, इनायतपुर उर्फ मधुपुरा, कपना, भगवानपुर, हसनपुर लडूकी, बीघेपुर, सनैता शफीपुर, भदौरा, वरतौली, खवरा, धरारी, दीनौल, खलसिया चूहरपुर, विचौला, धरांऊ।
बुलंदशहर तहसील के औरंगाबाद, हिंगथला उर्फ भावसी, चरौरा मुस्तफाबाद, सैदपुरा, इस्माइला, सराय छबीला, अडौली, दोहली, चिरचिटा, मामन खुर्द, मामनकुलां, भाईपुर, ऐमनपुर, कलौली, बंगला पूठरी, पिपाला आदि।
यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना सिटी के सेक्टरों को नई पहचान प्रदान करेगा, क्योंकि ये सेक्टर एक्सप्रेसवे के निकट स्थित होंगे। इससे इन क्षेत्रों में आवासीय बसावट और औद्योगिक क्रियाकलापों को गति मिलेगी। एयरपोर्ट के साथ-साथ दिल्ली, मुंबई, आगरा, मेरठ जैसे प्रमुख शहरों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।

























