ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड के बीच आम लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। बैंक फ्रॉड से जुड़े छोटे मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। केंद्रीय बैंक आरबीआई इसके लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क यानी नियम और गाइडलाइन लाने की तैयारी कर रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मॉनिटरी पॉलिसी की मीटिंग के बाद ये एलान किया। उन्होंने कहा, ‘केंद्रीय बैंक छोटे मूल्य के धोखाधड़ी वाले लेनदेन के मामले में बैंक ग्राहकों को मुआवजा देने के लिए नए नियम तैयार कर रहा है।
केंद्रीय बैंक ने ग्राहकों के हित में ये कदम उठाया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बड़ी संख्या में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को साइबर फ्रॉड का शिकार बनाया जाता है। कभी मोबाइल पर ओटीपी भेजकर, कभी शादी कार्ड के बहाने, कभी खुद को नकली बैंक या बीमा एजेंट बताकर, कभी पेंशन वगैरह रोकने का भय दिखाकर साइबर अपराधी भोले-भाले, मासूम लोगों को शिकार बनाते हैं। शिकार होने वालों में बड़ी संख्या में गरीब वर्ग के लोग शामिल होते हैं। ऐसे में आरबीआई का नया नियम आम लोगों के लिए बड़ी राहत देने वाला साबित हो सकता है।
ड्राफ्ट नियम जारी होंगे, आप भी दे सकेंगे राय
गवर्नर ने बताया कि साल 2017 में अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेनदेन में ग्राहकों की जिम्मेदारी को सीमित करने के निर्देश जारी किए गए थे। ये नियम वे स्थितियां और समय सीमाएं तय करते हैं जिनमें ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य या सीमित होती है।
बैंकिंग क्षेत्र और पेमेंट सिस्टम में तकनीकी तेजी के चलते बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए, इन पुराने निर्देशों की समीक्षा की गई है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इसके अनुसार, संशोधित निर्देशों का मसौदा, जिसमें छोटे मूल्य की धोखाधड़ी के मामलों में मुआवजे का फ्रेमवर्क भी शामिल है, जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा। इसमें आप भी अपनी राय आरबीआई को भेज सकेंगे।













