ब्लिट्ज ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे को प्रदेश के भविष्य के विकास की धुरी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केएमपी एक्सप्रेसवे पर पांच नये शहर और तीन आइएमटी से पूरे राज्य की तस्वीर बदलने वाली है।
प्रदेश के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि करीब 135 किलोमीटर लंबा केएमपी एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा और आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की नई पहचान बनकर उभरेगा।
वर्ष 2041 की संभावित जनसंख्या और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार केएमपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पांच नये आधुनिक शहर बसाने की योजना पर कार्य कर रही है।
इसके लिए पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रमुखता से उठा चुके हैं।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2030 तक प्रदेश में 10 नई औद्योगिक माडल टाउनशिप (आईएमटी) स्थापित करने की घोषणा की गई थी। इनमें से पांच आईएमटी को मंजूरी मिल चुकी है और उनके विकास की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
विकसित भारत के आकर्षण के केंद्र बनेंगे
प्रस्तावित 10 आईएमटी में से तीन को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में केएमपी एक्सप्रेसवे के साथ विकसित किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र औद्योगिक निवेश का सबसे बड़ा केंद्र बन सकेगा।
उद्योग मंत्री ने कहा कि केएमपी के दोनों ओर विकसित होने वाले पांच नये शहर न केवल विकसित भारत के आकर्षण केंद्र बनेंगे और दिल्ली और एनसीआर पर बढ़ रहे जनसंख्या तथा यातायात दबाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे क्षेत्रीय विकास को संतुलन मिलेगा और लोगों को रोजगार, आवास तथा आधुनिक सुविधाएं अपने निकट उपलब्ध हो सकेंगी।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरित क्रांति का अग्रदूत रहा हरियाणा आज औद्योगिक और तकनीकी विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों को छू रहा है। गुरुग्राम ने आइटी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए देश और दुनिया में अलग स्थान हासिल किया है।
आने वाले समय में जब प्रदेश में 10 नई आईएमटी विकसित होंगी तो हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का नेतृत्व करने वाले राज्यों में सबसे आगे खड़ा दिखाई देगा।













