ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान राशि रूपये 51,000/- से बढ़ाकर 1.01 लाख रूपये कर दी गयी है। इस योजना हेतु 750 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अनुसूचित जाति के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना हेतु 100 करोड़ रूपये तथा सामान्य वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी योजना हेतु 50 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
छात्रवृत्ति योजना से वंचितों को वरीयता
अनुसूचित जाति पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु 977 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। वहीं सामान्य वर्ग पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत 950 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पी.एम. अजय योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण हेतु 13.09 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के अंतर्गत अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर एवं मुरादाबाद में छात्रावास के निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
जनजाति विकास के लिए प्रतिबद्धता
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान ‘पीएम-जनमन’ के अन्तर्गत विशेष रूप से कमजोर जन जातीय समूहों का समग्र विकास किया जा रहा है। देशभर में 63,000 से अधिक जनजातीय बाहुल्य ग्रामों तथा आकांक्षी जनपदों के जनजातीय ग्रामों को 18 विभागों के कार्यक्रमों से संतृप्त किये जाने का लक्ष्य है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए विशेष प्रयास
पिछड़ा वर्ग कल्याण की योजनाओं के लिये 3,402 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 9 प्रतिशत अधिक है। पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु 3,060 करोड़ 50 लाख रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। अन्य पिछड़ा वर्ग के निर्धन व्यक्तियों की पुत्रियों की शादी अनुदान योजना हेतु 210 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। पिछड़े वर्ग के छात्र/छात्राओं हेतु छात्रावास निर्माण योजनान्तर्गत 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
दिव्यांगजनों का सशक्तिकरण
योगी सरकार ने दिव्यांगजन के कल्याण की योजनाओं के लिये 2,140 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है जो वर्ष 2025-2026 की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। दिव्यांग पेशन योजना के अन्तर्गत लगभग 11 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को 1000 रुपये प्रतिमाह की दर से धनराशि दी जा रही है। वर्ष 2017 के पूर्व यह धनराशि 300 रुपये थी। इस योजना हेतु 1470 करोड़ की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग छात्राओं के लिए ई-ट्राईसाइकिल दिए जाने हेतु नई योजना प्रारंभ की गई है। इसके लिए 60 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। 03-07 आयु वर्ग के श्रवणबाधित, दृष्टिबाधित तथा मानसिक मंदित छात्रों के शिक्षण-प्रशिक्षण हेतु बचपन डे केयर सेंटर के लिए 5 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
अल्पसंख्यक कल्याण पर ध्यान
योगी सरकार ने पूर्व की भांति अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं हेतु विशेष प्रावधान किया है। इसके लिए 2058 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 21 जनपदों में मल्टी सेक्टोरल डेवलमेन्ट कार्यक्रम के लिये 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। पूर्वदशम तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना हेतु 391 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के लिए बड़ा बजट आवंटन
ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन हेतु लगभग ₹8,641 करोड़ का प्रावधान किया है। इस बजट का उपयोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के आधुनिकीकरण, दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने से शहरों के बड़े अस्पतालों पर मरीजों का दबाव कम होगा और लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक उपचार मिल सकेगा।
डीजल से सोलर की ओर बड़ा कदम
बजट में विशेष रूप से कृषि विभाग के अंतर्गत डीजल पंप सेट को सोलर पंप में परिवर्तित करने की महत्वाकांक्षी योजना के लिए 637.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की डीजल पर निर्भरता कम होगी, लागत घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम कृषि क्षेत्र में हरित ऊर्जा संक्रमण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुकरैल क्षेत्र में नाइट सफारी के काम में आएगी तेजी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार कुकरैल क्षेत्र में नाइट सफारी का काम तय समय पर नहीं शुरू हो सका है। एक वर्ष पहले जारी बजट को वापस करते प्रदेश सरकार ने बजट- 2026 में एक करोड़ रुपये की बढ़ोतरी करते हुए 207 करोड़ का बजट जारी किया है। उम्मीद है कि कोर्ट से अनुमति मिलने पर निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
एमएसएमई और रोजगार को बढ़ावा
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉइमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना के लिए 575 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जिससे स्थानीय खाद्य उत्पादों को पहचान और बाजार मिलेगा।
इसके साथ ही, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश में फिल्म उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 200 करोड़ का प्रावधान
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से महिलाओं को आसान, ब्याज-मुक्त एवं चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराकर ‘लखपति दीदी’ लक्ष्य को गति दी जाएगी। वहीं महिला उद्यमियों द्वारा उत्पादित सामान की बिक्री सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना के अंतर्गत 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना के तहत रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों में महिलाओं द्वारा संचालित शोरूम व दुकानों की व्यवस्था की जाएगी।
अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष और एफपीओ को मजबूती
संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर सरकार ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए रिवॉल्विंग फंड योजना के अंतर्गत 150 करोड़ रुपये का कोष नाबार्ड की सहभागी संस्था ‘नैब किसान’ के साथ मिलकर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसमें सरकार 75 करोड़ रुपये का अंशदान देगी। प्रत्येक पात्र एफपीओ को अधिकतम 50 लाख रुपये तक की ऋण सीमा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, यूपी एग्रीज के अंतर्गत प्रदेश में एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना के लिए 245 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कार्मिकों तथा पीएम पोषण योजना की रसोइयों एवं उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के लिए 357.84 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गया है। माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 89.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
छात्राओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन
प्रदेश के विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को निशुल्क सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे स्वास्थ्य, स्वच्छता और स्कूल उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए एआई प्रमाणन शुल्क प्रतिपूर्ति योजना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना के अंतर्गत मेधावी छात्रों के शिक्षा ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी के लिए 30 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।
‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ होगा शुरू
यूपी एआई मिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तहत ‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ (यूपीएआई मिशन) शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत अगले तीन वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपये के कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से लागू किए जाएंगे। इसके लिए 225 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। स्टेट डाटा सेंटर 2.0 के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ नियोजन विभाग के अंतर्गत स्टेट डाटा अथॉरिटी की स्थापना हेतु 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए 53 विभागों में ‘जन विश्वास सिद्धांत’ लागू किया जाएगा। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
स्वच्छताकर्मियों को बड़ा तोहफा
बजट में स्वच्छताकर्मियों को बड़ा तोहफा देते हुए उनके अकाउंट में सीधे 16 से 20 हजार रुपये भेजने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए सारी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। जल्द ही स्कीम का फायदा स्वच्छताकर्मियों को मिलेगा।













