ब्लिट्ज ब्यूरो
पटना। बिहार की राजधानी पटना में एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के फैलने की पुष्टि हुई है। बर्ड फ्लू फैलने की खबर से हड़कंप मच गया। इसके बाद राज्य सरकार ने लोगों को अलर्ट कर दिया है। शहर में कुछ कौए और मुर्गियां मर गई थीं। इनके सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए थे। रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके बाद पशु संसाधन विभाग ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए पटना में लगभग 6,000 मुर्गियों को मार दिया है। 9700 अंडे नष्ट किए गए हैं। इसके साथ ही पॉलिट्री फॉर्म में छिड़काव किया जा रहा है।
पटना में कहां मिला बर्ड फ्लू का केंद्र?
अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित पक्षी, एयरपोर्ट के पास चितकोहरा के कौशल नगर में स्थित बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से संचालित ‘पोल्ट्री रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर’ में पाए गए थे। यहां से सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब में भेजे गए थे। सैंपल की जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई। इसके बाद डेयरी, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग ने तत्काल प्रभाव से केंद्र की सभी मुर्गियों को मारकर दफनाने का आदेश जारी किया।
बर्ड फ्लू पर क्या कहना है मंगल पांडेय का?
पटना में बर्ड फ्लू पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं। बर्ड फ्लू की जांच के लिए पटना के आरएमआरआई अस्पताल में जांच की सुविधा उपलब्ध है। एक किट में सात सैंपल का टेस्ट किया जाता है। अगर कोई बर्ड फ्लू से संक्रमित पाया जाता है तो उसके इलाज भी व्यवस्था की गई है।
पटना जिला प्रशासन ने क्या दिया निर्देश?
पटना जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभावित पोल्ट्री फार्म के 1 किलोमीटर के दायरे को ‘इन्फेक्शन जोन’ और 9 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र घोषित किया गया है। इस दौरान नगर निगम सीमा के भीतर मुर्गों और मुर्गियों को लाने ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इन क्षेत्रों में अंडे, पोल्ट्री पक्षी और उनके दाने (फीड) की एंट्री तब तक प्रतिबंधित है, जब तक उनके पास उचित सैनिटाइजेशन सर्टिफिकेट न हो।
कौशल नगर में चेक-पोस्ट बनाया गया है, जहां शास्त्री नगर और बायपास थाने की पुलिस 24 घंटे तैनात है। बिना मास्क के क्षेत्र में प्रवेश वर्जित है।
पटना चिड़ियाघर में भी खास एहतियात
संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) प्रशासन ने भी सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है। हालांकि, जू अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिसर के भीतर अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। फिर भी एहतियातन कदम उठाए गए हैं। पर्यटक अब मोर और अन्य पक्षियों को कम से कम 8 फीट की दूरी से ही देख सकेंगे। पक्षियों के बाड़ों और मेन गेट के आसपास कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है। सभी कर्मचारियों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है।
दो महीने तक पोल्ट्री फार्मिंग पर रोक
जिला प्रशासन ने बर्ड फ्लू के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए संक्रमित इलाकों में अगले दो महीनों तक पोल्ट्री फार्मिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन्फेक्शन जोन के पास आम लोगों की आवाजाही को भी सीमित कर दिया गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन पूरी सावधानी बरतें।
बर्ड फ्लू को जांच और इलाज की व्यवस्था शुरू की गई है। जरूरत पड़ी तो राहत और बचाव के काम और बढ़ाए जाएंगे। हमारी लोगों से अपील है कि वो घबराएं नहीं, सतर्क रहें। सरकार उनके साथ है। – मंगल पांडेय, मंत्री,बिहार स्वास्थ्य विभाग













