ब्लिट्ज ब्यूरो
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने अग्निवीर योजना में चयनित युवाओं की भविष्य की नौकरी को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंत्री शंभूराज देसाई ने चार साल की सेवा के बाद भी रोजगार उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। इसके लिए राज्य सरकार ने एक अध्ययन समूह का गठन किया है।
विधान परिषद में देसाई ने बताया कि महाराष्ट्र से लगभग 11 हजार युवा केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना में चयनित हुए हैं। इनमें से 25 प्रतिशत यानी करीब 2,750 युवाओं को चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में समाहित किया जाएगा।
शेष 75 प्रतिशत युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने एक अध्ययन समूह गठित किया है, जिसकी रिपोर्ट अगले महीने आएगी, उसके बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। देसाई ने बताया कि रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य के विभिन्न विभागों में वर्दीधारी बलों जैसे होमगार्ड, वन विभाग सुरक्षा दल आदि में उन्हें समाहित किया जा सकता है या नहीं, इसकी जांच संबंधित विभागों के मंत्रियों के साथ की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री की मंजूरी से आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अग्निवीर योजना के तहत चार साल की सेवा के बाद युवाओं को दोबारा रोजगार मिले, इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
विपक्ष के सवालों का जवाब
विधान परिषद में इस विषय पर चर्चा के दौरान युवाओं के भविष्य को लेकर सरकार की गंभीरता भी सामने आई। अग्निवीर के तहत सेना में भर्ती हो रहे युवाओं को रिटायरमेंट के बाद रोजगार की चिंता रहती है। विपक्ष भी लगातार इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरती रहती है। इसी चिंता और विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए महाराष्ट्र सरकार की ओर से अग्निवीर में भर्ती हो रहे युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े, इसलिए अभी से काम शुरू कर दिया है।













