ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या को कम करने के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग गांधी नगर रोड पर इंटीग्रेटेड कॉरिडोर इम्प्रूवमेंट प्लान की योजना पर काम कर रहा है। यह योजना मदर डेयरी से कश्यप मोहल्ला तक के पूरे हिस्से को कवर करेगी। पीडब्ल्यूडी द्वारा तैयार किए जा रहे प्लान के अनुसार, यह कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली के घनी आबादी वाले आवासीय और व्यावसायिक इलाकों को जोड़ता है। इसके आसपास की प्रमुख सड़कों में विकास मार्ग और गीता कॉलोनी रोड शामिल है।
क्या है इंटीग्रेटेड कॉरिडोर इम्प्रूवमेंट प्लान
इन प्लान के तहत पूरे कॉरिडोर का विस्तृत टोपोग्राफिक सर्वे कराया जाएगा। इसमें जमीन की ऊंचाई, ढलान, नालियां, मैनहोल, स्ट्रीट लाइट, पेड़ समेत स्थायी संरचनाओं की मैपिंग की जाएगी। साथ ही पानी की पाइपलाइन, सीवर लाइन, बिजली के केबल और टेलीकॉम डक्ट जैसी सभी मौजूदा यूटिलिटीज की पहचान कर उनका नक्शा तैयार किया जाएगा। सर्वे में वर्तमान सड़क की डिजाइन, फुटपाथ, डिवाइडर और ट्रैफिक आइलैंड का भी दस्तावेजीकरण किया जाएगा। इसके अलावा जमीन के नीचे मौजूद यूटिलिटीज और अवरोधों का पता लगाने के लिए अलग सर्वे भी कराया जाएगा।
इन सर्वे के आधार पर कंसल्टेंट एक प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसमें यह भी बताया जाएगा कि प्रस्तावित कॉरिडोर आसपास के रोड नेटवर्क, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ड्रेनेज सिस्टम से कैसे जुड़ेगा।
परियोजना के तहत प्रस्तावित डिजाइन के 3डी ड्रॉइंग और वॉकथ्रू वीडियो भी तैयार किए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर अधिकारियों के सामने प्रस्तुति दी जाएगी। बाद में योजना में शामिल सभी संरचनाओं के लिए विस्तृत स्ट्रक्चरल डिजाइन भी तैयार किया जाएगा।













