ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। दुनिया में टेक्नोलॉजी का चलन बढ़ने से नॉलेज को हासिल करना आसान हुआ है। इसका फायदा उठाकर कई प्रतिभाशाली युवा यूनीक प्रोडक्ट्स और सर्विसेज मार्केट में ला रहे हैं। इनमें से कई सफल हो रहे हैं और इनके फाउंडर्स कम उम्र में ही सक्सेस का स्वाद चख रहे हैं। फोर्ब्स की हाल में जारी बिलिनेयर लिस्ट में 35 की उम्र 30 साल से कम है। इनमें भारतीय मूल के अमेरिकी उद्यमी सूर्या मिधा भी शामिल हैं जो दुनिया में सबसे कम उम्र के सेल्फ-मेड बिलिनेयर हैं। पहले यह खिताब फेसबुक के मार्क जकरबर्ग के पास था जो 2008 में 23 साल की उम्र में बिलिनेयर बन गए थे लेकिन सूर्या मिधा 22 साल की उम्र में ही इस मुकाम पर पहुंच गए।
सूर्य मिधा के माता-पिता दिल्ली से अमेरिका गए थे
मिधा ने अपने दो दोस्तों ब्रेंडन फूडी और आदर्श हिरेमथ के साथ मिलकर एआई हायरिंग स्टार्टअप मर्कोर की स्थापना की थी। इस कंपनी ने पिछले साल के अंत में 10 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 350 मिलियन डॉलर जुटाए थे। फोर्ब्स के मुताबिक मिधा की नेटवर्थ करीब 2.2 अरब डॉलर है और वह दुनिया में सबसे कम उम्र के बिलिनेयर हैं। फूडी इस कंपनी के सीईओ, हिरेमथ सीटीओ और मिधा बोर्ड चेयरमैन हैं।
कैसे बनी टीम?
मिधा का जन्म माउंटेन व्यू में हुआ था और उनका बचपन कैलिफोर्निया के सैन होजे में बीता था। उनके माता-पिता दिल्ली से अमेरिका गए थे। स्कूल के दिनों में उनकी पहचान नेशनल डिबेट चैंपियन की थी। उनकी कम्युनिकेशन और एनालिटिकल एबिलिटीज काफी स्ट्रॉन्ग थी। मिधा ने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से फॉरेन स्टडीज में हायर एजुकेशन ली। उसी समय हिरेमथ हार्वर्ड में थे जबकि फूडी जॉर्जटाउन में इकनॉमिक्स की पढ़ाई कर रहे थे। मिधा और हिरेमथ ने पॉलिसी डिबेट में तीनों नेशनल टूर्नामेंट जीते। फोर्ब्स के मुताबिक मर्कोर एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां एप्लिकेंट्स का इंटरव्यू एक एआई अवतार लेता है और उन्हें उन कंपनियों में प्लेस किया जाता है जो प्रतिभाओं को खोज रही है।













