ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर अमेरिका का नया वैश्विक शुल्क ढांचा तैयार होने के बाद ही किए जाएंगे। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की प्रगति के बारे में वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि हम इस समय अमेरिका के साथ समझौते के विवरण पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘कुछ गैर-शुल्क बाधाएं हैं जिन्हें दूर करना है। धारा 232 से जुड़े शुल्क के तहत भी कुछ पहलुओं पर काम करना है। इसलिए हम इस समय का रचनात्मक उपयोग कर रहे हैं ताकि जब समझौते पर हस्ताक्षर का समय आए तो ये मुद्दे देरी का कारण न बनें।’
अमेरिका और भारत दोनों व्यापार समझौते के एक ढांचे पर पिछले महीने सहमत हुए थे। उन्होंने कहा, ‘अंततः हर देश एक पैकेज के हिस्से के रूप में ऐसा समझौता करता है जिसमें उसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले तुलनात्मक लाभ मिलता है।’ भारत-अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक ढांचे को अंतिम रूप देने की घोषणा पिछले महीने की थी। इस ढांचे के तहत अमेरिका ने भारत पर शुल्क 18 फीसद तक कम करने पर सहमति जताई थी। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक शुल्क को निरस्त करने के बाद हालांकि अमेरिका में शुल्क ढांचे में बदलाव किया गया है। फैसले के बाद ट्रंप ने 24 फरवरी से 150 दिन के लिए सभी देशों पर 10 फीसद शुल्क लागू कर दिया है।













