ब्लिट्ज ब्यूरो
लखनऊ। राजधानी लखनऊ को जल्द ही बेहतर कनेक्टिविटी और नई विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। शुक्रवार को ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण के लोकार्पण के दौरान रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल की शुरुआत तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू हो जाएगा, जिसके बाद लखनऊ से कानपुर तक का सफर महज 35 से 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच आवागमन तेज और आसान होगा। इसके साथ ही किसान पथ के सर्विस रोड प्रोजेक्ट का काम भी जल्द पूरा होने जा रहा है, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी।
कई नई सड़क परियोजनाओं पर भी काम
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि बाराबंकी से बहराइच तक अपग्रेडेशन रोड परियोजना भी जल्द शुरू होगी। यह करीब 100 किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क होगी, जिससे लखनऊ से बहराइच की दूरी लगभग सवा घंटे में तय की जा सकेगी। इसके अलावा लखनऊ से सुल्तानपुर और वाराणसी तक हाई स्पीड कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। वहीं हरदोई और सीतापुर को भी बेहतर सड़क नेटवर्क के जरिए जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शहर के कई पार्कों में जिम की व्यवस्था की जा रही है।
डिफेंस कॉरिडोर व ब्रह्मोस निर्माण पर भी जोर
रक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर का तेजी से विकास हो रहा है। इसके तहत लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण किया जा रहा है और इसकी एयरोस्पेस टेस्टिंग भी यहीं होगी। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में लखनऊ की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है और यहां से सेना के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सीएम योगी ने लखनऊ को बताया उभरता टेक्नोलॉजी हब
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर परिवहन व्यवस्था के साथ लखनऊ को एक उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर को भविष्य में एआई सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई के विकास के सपनों को जमीन पर उतारने का काम कर रही है। ग्रीन कॉरिडोर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।
ग्रीन कॉरिडोर से बढ़ेगी शहर की कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले जिस इलाके में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है, वहां अवैध कब्जे थे। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने इन कब्जों को हटाकर जमीन को मॉर्गेज कर धन जुटाया और इसी से कॉरिडोर का निर्माण संभव हो सका। उन्होंने बताया कि परियोजना के दो चरण पूरे हो चुके हैं और आगे तीसरे व चौथे कॉरिडोर के लिए भी जमीन को कब्जामुक्त कर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।













