ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश में महिला उद्यमिता तेजी से बढ़ रही है। साथ ही स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। ये महिलाएं दिल्ली के विकास का मजबूत आधार बन रही है। वर्ष 2025 में जारी टैक्सन की वुमेन लेड स्टार्टअप्स इन इंडिया रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि स्टार्टअप शुरू करने वाली महिलाओं में दिल्ली की महिलाएं, देश में तीसरे स्थान पर हैं। रिपोर्ट के अनुसार महिला उद्यमिता के मामले में दिल्ली-एनसीआर देश के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल हैं।
यहां 1400 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं, जो इसे इस क्षेत्र में देश का अग्रणी स्टार्टअप हब बनाते हैं। इसके बाद बेंगलुरु और मुंबई का स्थान आता है। सेक्टर के लिहाज से महिलाओं के स्टार्टअप सबसे ज्यादा बी2सी ई-कॉमर्स में सक्रिय हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली एनसीआर जैसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम, निवेशकों की मौजूदगी और बढ़ते नवाचार के कारण आने वाले वर्षों में महिला उद्यमियों की संख्या और बढ़ सकती है।
इस्मीत संभाल रहीं दादा की विरासत
पारंपरिक रूप से पुरुष प्रधान माने जाने वाले हार्डवेयर उद्योग में इस्मीत कौर बेदी महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दे रही हैं। वर्तमान में कंपनी के लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं हैं। जिनके साथ सहयोग से यह इस क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। वह बताती हैं कि कंपनी की स्थापना वर्ष 1957 में उनके दादा मोहिंदर सिंह बेदी ने की थी। जिनका उद्देश्य भारतीय बाजार में उच्च गुणवत्ता और विश्वसनीय वास्तु हार्डवेयर उत्पाद उपलब्ध कराना था।













