ब्लिट्ज ब्यूरो
जमशेदपुर। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की परीक्षा अभ्यर्थियों को जनजातीय और क्षेत्रीय भाषाओं की परीक्षा देवनागरी लिपि में ही देनी होगी। इसमें संथाली, हो, खड़िया और कुड़माली जैसी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाएं शामिल हैं।
संताली और हो की अपनी लिपि है, लेकिन परीक्षा में इन लिपियों को मान्यता नहीं मिल सकी है, इसलिए इन भाषाओं की परीक्षा देवनागरी में ही होगी। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली 2026 के अनुसार, संथाली भाषा को राज्य के सर्वाधिक जिलों में जनजातीय भाषा के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
इनमें रांची, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़, गोड्डा, हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर और रामगढ़ शामिल हैं। कुडुख भाषा रांची, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, पलामू और लातेहार सहित कई अन्य जिलों के लिए मान्य है।
मुंडारी भाषा मुख्य रूप से रांची, सिमडेगा, खूंटी और सिंहभूम क्षेत्रों में विस्तारित है, जबकि हो भाषा को कोल्हान प्रमंडल के तीनों जिलों के लिए जनजातीय सूची में रखा गया है। खड़िया भाषा सिमडेगा, गुमला और रांची के लिए उपलब्ध है। क्षेत्रीय भाषाओं में नागपुरी को रांची, लोहरदगा और पलामू प्रमंडल में प्रमुखता दी गई है। खोरठा भाषा संथाल परगना और उत्तरी छोटानागपुर के अधिकांश जिलों के लिए सूचीबद्ध है। कुरमाली और पंचपरगनिया भाषाएं रांची व कोल्हान के जिलों में मान्य की गई हैं।
सामान्य वर्ग के लिए 60 फीसदी न्यूनतम पास अंक
झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्न पत्र हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगा। कक्षा 1-5 के प्रश्नों का कठिनाई स्तर मैट्रिक तथा कक्षा 6-8 के लिए इंटरमीडिएट स्तर का होगा। सामान्य और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए न्यूनतम पास अंक 60%, पिछड़ा वर्ग के लिए 55% और एससी, एसटी और दिव्यांग के लिए 52% अनिवार्य हैं।
बताते चलें कि परीक्षा के लिए 21 अप्रैल से आवेदन किए जाएंगे। जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (भाषा-2) की परीक्षा कुल 30 अंकों की होगी, जिसमें 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। समग्र परीक्षा की बात करें तो कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) के लिए जेटेट में कुल 150 अंकों का प्रश्न पत्र होगा।













