ब्लिट्ज ब्यूरो
अहमदाबाद। गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है। राज्य के सभी 15 नगर निगमों में भाजपा ने विपक्ष का सफाया कर दिया।
इसके अलावा 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के चुनाव में भी भाजपा को प्रचंड जीत हासिल हुई है। इनमें 9992 सीटें हैं। जिनमें से 8896 के परिणाम घोषित किए गए हैं। इनमें से 6442 पर भाजपा उम्मीदवार जीते। कांग्रेस के खाते में 1602 सीटें आईं।
भाजपा की आंधी का अनुमान इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि उसके 717 प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए।
717 सीटों पर निर्विरोध जीते भाजपा उम्मीदवार
84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों में भी भाजपा की प्रचंड जीत
गुजरात नगर निकाय चुनावों में बीजेपी को मिली सफलता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने ट्वीट किया कि गुजरात और भारतीय जनता पार्टी के बीच संबंध और भी घनिष्ठ और मजबूत हो गए हैं। राज्य भर में हुए नगर निगम, तालुका पंचायत और जिला पंचायत चुनावों में भाजपा को मिले भारी जनसमर्थन और जनादेश के लिए मैं गुजरात की जनता का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं। पीएम मोदी ने कहा कि राज्य सरकार के जनहितैषी और विकासोन्मुखी कार्यों को मान्यता देते हुए, गुजरात की जनता ने एक बार फिर सुशासन की राजनीति में अपना विश्वास व्यक्त किया है।
ये परिणाम स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जनता ने भाजपा द्वारा वर्षों से किए गए अथक प्रयासों को दिल से सराहा
कांग्रेस को इन चुनावों में 1602 और अन्य को 592 सीटें मिली हैं। इस चुनाव में भाजपा का स्ट्राइक रेट 76% है। कांग्रेस दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, गोधरा के वार्ड नंबर 7 से निर्दलीय महिला उम्मीदवार अपेक्षाबेन नैनेशभाई सोनी ने जीत हासिल की। इस सीट पर 100% वोटर मुस्लिम हैं।
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 3 उम्मीदवारों को जीत मिली है। क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की बहन नयनाबा जडेजा राजकोट से कांग्रेस की टिकट पर चुनाव हार गई हैं।
भाजपा ने राज्य के सभी 15 नगर निगमों में जीत दर्ज की। राजकोट, जामनगर, अहमदाबाद, भावनगर, सूरत और मोरबी में फिर कब्जा किया है। वहीं, 9 नए नगर निगमों – आणंद, गांधीधाम, मेहसाणा, मोरबी, नाडियाड, नवसारी, पोरबंदर-छाया, सुरेंद्रनगर-वधवाण और वापी में हुए पहले चुनाव में भी जीत दर्ज की है।
4 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने वोट किया
राज्य के 15 नगर निगम, 84 नगरपालिका, 34 जिला पंचायत और 260 तालुका पंचायत के लिए 26 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इनमें 4 करोड़ 18 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने वोट डाले थे। 15 नगर निगमों में 55.1% मतदान हुआ। नगरपालिकाओं में 65.53%, जिला पंचायतों में 66.64% और तालुका पंचायतों में 67.26% वोटिंग दर्ज की गई थी।
पिछले चुनाव में बीजेपी ने 8,470 में से 6,236 सीटें जीती थीं
2021 के स्थानीय चुनाव में भी भाजपा ने शानदार जीत हासिल की थी। पार्टी नगरपालिकाओं की 8,470 सीट में से 6,236 सीट जीती थीं। भाजपा ने तब सभी छह नगर निगमों के अलावा 81 नगरपालिकाओं, 32 जिला पंचायतों और 231 तालुका पंचायतों पर अपना दबदबा बनाए रखा था।
निर्विरोध जीत: भाजपा ने मतदान से पहले ही 700 से अधिक सीटें निर्विरोध जीत ली थीं, जो विपक्षी दलों के कमजोर होने का संकेत है।
अहमदाबाद में दबदबा: अहमदाबाद नगर निगम की 192 में से 158 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की।
सूरत और अन्य शहर: सूरत नगर निगम में भाजपा ने 120 में से 115 सीटों पर जीत हासिल की। मोरबी और पोरबंदर में भाजपा ने सभी सीटों पर कब्जा किया।
सभी महानगरपालिकाओं पर बीजेपी ने कब्जा जमाया।
84 नगर पालिका में 78 पर बीजेपी ने जीत दर्ज की।
6 नगर पालिका पर कांग्रेस ने विजय प्राप्त की।
34 जिला पंचायत में बीजेपी को 33 और आप को एक।
260 तहसील पंचायत में बीजेपी को 253 जीत मिली है बाकी विपक्ष के खाते में गईं।













