ब्लिट्ज ब्यूरो
वाराणसी। नई छात्रवृत्तियों और अनुसंधान अनुदान के लिए बीएचयू को जल्द 50 लाख रुपये मिलेंगे। बीएचयू अमेरिका फाउंडेशन और अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वैज्ञानिकों के साथ इस समझौते के तहत जैव रसायन विभाग के पीजी और पीएचडी छात्रों को छात्रवृत्ति और अनुसंधान के लिए सहायता दी जाएगी। बीएचयू अमेरिका फाउंडेशन और वैश्विक ख्याति प्राप्त वैज्ञानिक डॉ. निर्भय कुमार एवं डॉ. गीता पी. बंसल के साथ विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने गत दिवस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत वर्ष 2026 में पहले चरण के 25 लाख रुपये मिलेंगे। इससे एमएससी जैव रसायन के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को मेरिट और आर्थिक स्थिति के आधार पर प्रतिवर्ष 25 हजार रुपये की पांच छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। वर्ष 2027 में 25 लाख रुपये की दूसरी किस्त से उन्हें छात्रवृत्तियां और अनुसंधान प्रोत्साहन अनुदान मिलेगा।
कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने पूर्व छात्रों एवं सहयोगकर्ताओं के साथ सुदृढ़ संबंध विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय के विभाग नियमित संवाद की प्रभावी व्यवस्था स्थापित करें।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मलेरिया प्रतिरक्षा वैज्ञानिक और जैव रसायन विभाग के पूर्व छात्र डॉ. निर्भय कुमार ने कहा कि आर्थिक सहयोग का उद्देश्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है। दूसरी सहयोगकर्ता डॉ. गीता पी. बंसल को जैव चिकित्सीय अनुसंधान, उद्योग, बौद्धिक संपदा और वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का व्यापक अनुभव है। बीएचयू अमेरिका फाउंडेशन से जुड़े डॉ. अरविंद जैन ने संस्था के उद्देश्यों की चर्चा की। विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. संजय कुमार और जैव रसायन विभागाध्यक्ष प्रो. आरके सिंह ने पुरा छात्रों के योगदान की महत्ता बताई। इस दौरान कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह और वित्त अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय मौजूद रहे।













