ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। ब्रिक्स बैठक की अध्यक्षता करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक मुद्दों पर भारत के स्पष्ट रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था की पहली प्राथमिकताओं में शामिल है।
डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, हाल के संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व को और ज्यादा स्पष्ट किया है। इस मुश्किल और अनिश्चित दुनिया में चर्चाओं को समानता और साझा, लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति, वैश्विक नजरिए को नया आकार दे रही है और इसका इस्तेमाल सुशासन और समावेशी विकास के लिए किया जा सकता है। आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने को लेकर भी साझा हित जुड़े हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्या बोले भारतीय विदेश मंत्री?
भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर का जिक्र करते हुए कहा कि समुद्री रास्तों में बाधा और ऊर्जा ढांचे पर खतरे पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे समय में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री प्रवाह बेहद जरूरी है। उन्होंने सुरक्षित समुद्री प्रवाह पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पहले से ही निर्धारित था। की। शाम 7 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर की तरफ से भारत मंडपम में डिनर का आयोजन किया गया
अराघची भी पहुंचे
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए गुरुवार की सुबह दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दुनिया भर से आए विदेश मंत्रियों का भारत मंडपम में स्वागत किया।












