ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले के बाद सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को नए सिरे से मजबूत कर रही है। यानी पूरी व्यवस्था को एक नया रूप दे रही है। केंद्र सरकार ने अब एनटीए में चार वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है। इनमें दो संयुक्त सचिव लेवल और दो डायरेक्टर लेवल के अधिकारी शामिल हैं। नई नियुक्ति के साथ ही पहली बार टेक्निकल, फाइनेंस और एचआर के लिए अलग-अलग एक्सपर्ट अधिकारियों की नियुक्ति के लिए भर्ती भी निकाली गई है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर एनटीए ने कई अहम सुधारों का एलान किया है। बताया गया है कि अब परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल सिस्टम को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इनकी जिम्मेदारी एजेंसी में पारदर्शिता बढ़ाने, प्रशासनिक सुधार लागू करने और पूरी व्यवस्था की निगरानी करना होगी।
इसके अलावा एनटीए ने चीफ टेक्नोलॉजी आफासर (सीटीओ), चीफ फाइनेंस आफिसर (सीएफओ) और जनरल मैनेजर-एचआर जैसे बड़े पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सीटीओ के पास होगी ये पावर
इन पदों के लिए भर्ती नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं और आवेदन की अंतिम तारीख नोटिफिकेशन जारी होने के 15 दिन बाद तक रखी गई है। माना जा रहा है कि इन बदलावों में सीटीओ के पद पर नियुक्ति सबसे ज्यादा ध्यान खींच रही है। अब से, परीक्षा प्रणाली के पूरे तकनीकी सुरक्षा ढांचे की देखरेख एक वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी करेगा। यह अधिकारी एआई-आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, चेहरे की पहचान, साइबर सुरक्षा और प्रश्न पत्र की सुरक्षा जैसी प्रणालियों को विकसित करने के लिए जिम्मेदार होगा।
अब हर चरण पर तकनीकी सुरक्षा उपाय लागू
सरकार के मुताबिक, अब हर चरण पर तकनीकी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे, प्रश्न पत्रों की तैयारी से लेकर उनकी छपाई और परिवहन तक।
इसके अलावा, एआई और डेटा एनालिटिक्स का उपयोग करके संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक पहचान और चेहरे की पहचान प्रणालियों को भी और मजबूत किया जाएगा।
एनटीए के जिम्मे हर साल 1 करोड़ से ज्यादा छात्र
यह ध्यान देने योग्य है कि एनटीए हर साल पूरे देश में 1 करोड़ से ज्यादा छात्रों के लिए विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करता है। नतीजन, हाल के विवादों का एजेंसी की विश्वसनीयता पर काफी असर पड़ा है। सरकार और एनटीए दोनों का अब यह लक्ष्य है कि वे एक स्पष्ट संदेश दें कि आने वाले समय में परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह से सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जाएगा।













