ब्लिट्ज ब्यूरो
अहमदाबाद। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के त्रागड में गणेश हाउसिंग द्वारा निर्मित “मिलियन माइंड्स टेक सिटी” का उद्घाटन किया। गुजरात का पहला आईजीबीसी प्लैटिनम रेटेड एसईजेड आईटी पार्क1100 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है।
वैश्विक कंपनियों ने 8 लाख वर्ग फुट जगह लीज पर ली है। इस प्रोजेक्ट से 70 हजार से ज्यादा युवाओं को जॉब मिलेगी। यहां आईबीएम, टीसीएस, वैलटेक, विथम और सियर्स सहित वैश्विक कंपनियों ने 8 लाख वर्ग फुट जगह लीज पर ली है।
इस मौके पर गृहमंत्री ने कहा- यह प्रोजेक्ट का पहला चरण है। इसे कुल 7 चरणों में बनाया जाएगा। पहला चरण लगभग 1,100 करोड़ रुपए की लागत से 13.5 लाख वर्ग फुट जमीन पर विकसित किया गया है। यह 9,000 उच्च-कुशल पेशेवरों के लिए काम करने की जगह उपलब्ध कराएगा। इस पूरे सात-चरण वाले प्रोजेक्ट से अगले पांच सालों में लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश आने और 63,000 से ज्यादा हाई सैलरी वाली नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
अमित शाह ने कहा कि गुजरात ने आजादी के समय से ही देश के औद्योगिक विकास में बहुत बड़ा योगदान दिया है। प्रधानमंत्री मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने इसे एक व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। औद्योगिक विकास, आधारभूत संरचनाओं, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, उद्यमिता आधारित विकास मॉडल में वैश्विक पहचान बनाने में गुजरात की 2002 से 2026 तक की यात्रा बेहद अहम रही है।
देश कई क्षेत्रों में पीछे रहने की स्थिति से आगे बढ़कर अब उन तकनीकों में अपनी मज़बूत मौजूदगी बना रहा है, जिनसे अगले 25 सालों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को आकार मिलने की उम्मीद है। एआई और डीप टेक ही भविष्य की अर्थव्यवस्था हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज दुनिया के सभी उभरते क्षेत्रों में एक संस्थापक राष्ट्र बन गया है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब हम कई क्षेत्रों में काफी पीछे रह गए थे, लेकिन आज भारत उन सभी क्षेत्रों में अपनी मजबूत मौजूदगी बना रहा है जो दुनिया की अर्थव्यवस्था को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऑटोनॉमस सिस्टम, साइबर सुरक्षा, रक्षा तकनीक और अंतरिक्ष तकनीक जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यधिक कुशल युवाओं के एक बड़े समूह और आधुनिक बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में टेक्नोलॉजी पार्क और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स पर बढ़ते ज़ोर के साथ गुजरात की आर्थिक गतिविधियों में एक बड़ा बदलाव आ रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वैश्विक बदलावों के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए भारत को शहरी नियोजन और बुनियादी ढांचे के विकास में कुशल नेतृत्व और आधुनिक सोच की जरूरत है।













