ब्लिट्ज ब्यूरो
अहमदाबाद। अगर आपने कभी यूरोप, अमेरिका या सिंगापुर की सड़कों के वीडियो देखे हैं तो एक चीज जरूर नोट की होगी। वहां सड़क पार करने के लिए पैदल यात्रियों को ट्रैफिक के भरोसे नहीं छोड़ दिया जाता। एक बटन दबाते ही गाड़ियां रुक जाती हैं और लोगों को आराम से सड़क पार करने का मौका मिल जाता है। अब कुछ ऐसा ही प्रयोग भारत में भी शुरू हुआ है।
अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने शहर के व्यस्त सीजी रोड पर पहली बार पेलिकन (पुश बटन) ट्रैफिक सिग्नल लगाया है। यह सिस्टम खास तौर पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। फिलहाल इसे ट्रायल बेसिस पर शुरू किया गया है और इसकी सफलता के बाद शहर के अन्य इलाकों में भी ऐसे सिग्नल लगाए जा सकते हैं। इस परियोजना पर करीब 6 लाख रुपये खर्च किए गए हैं और इसे केल्ट्रॉन कंपनी के सहयोग से डेवलप किया गया है।
सड़क के दोनों ओर एक-एक पेलिकन सिग्नल बॉक्स लगाया गया है। जब किसी पैदल यात्री को सड़क पार करनी होती है, तो उसे सिर्फ बॉक्स पर लगा बटन दबाना होता है। बटन दबाने के बाद स्क्रीन पर दिखाई देने वाला ‘वेट ‘ मैसेज ‘वॉक’ में बदल जाता है. इसके साथ ही सड़क पर चल रहे वाहनों के लिए ट्रैफिक सिग्नल ग्रीन से रेड हो जाता है।
कैसे करता है यह सिस्टम?
इसके बाद पैदल यात्री को सड़क पार करने के लिए करीब 25 सेकेंड का समय मिलता है। समय पूरा होने से पहले हूटर बजता है, जिससे लोगों को संकेत मिल जाता है कि अब सिग्नल सामान्य स्थिति में लौटने वाला है। इसके बाद अगले 30 सेकंड तक सिस्टम दोबारा एक्टिव नहीं होगा, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी रह सके। पेलिकन सिग्नल लगाने वाली कंपनी के मुताबिक, यह पूरी तरह पैदल यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया सिस्टम है। सड़क पार करने के दौरान सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि पैदल यात्रियों को वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है।
हालांकि तकनीक लगाना आसान है लेकिन लोगों को उसके नियमों का पालन कराना कहीं ज्यादा मुश्किल है। कई वाहन चालक रेड सिग्नल होने के बावजूद रुक नहीं रहे थे। इसे देखते हुए नगर निगम ने ट्रैफिक पुलिस से भी सहयोग मांगा है। अधिकारियों का मानना है कि इस सिस्टम की सफलता सिर्फ मशीन पर नहीं, बल्कि लोगों की जागरूकता पर निर्भर करेगी। सीजी रोड पर लगाया गया यह पहला पेलिकन सिग्नल एक पायलट प्रोजेक्ट है। यदि लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है और नियमों का पालन होता है, तो अहमदाबाद के अन्य व्यस्त इलाकों में भी ऐसे सिग्नल लगाए जाएंगे।













