ब्लिट्ज ब्यूरो
जामनगर। गुजरात के जामनगर में वंतारा यूनिवर्सिटी की शुरुआत करते हुए रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने एक बड़ी बात कही। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण को हमारी पीढ़ी की जिम्मेदारी बताया। अंबानी ने अपनी स्पीच में जोर देकर कहा कि हमें अब ऐसे वैज्ञानिकों और जानवरों के डॉक्टरों की जरूरत है, जो सिर्फ काम न करें बल्कि इसे अपने जीवन का मकसद बना लें।
यूनिवर्सिटी के शिलान्यास समारोह में बोलते हुए अनंत अंबानी ने इसे एक बहुत बड़े और लंबे समय तक चलने वाले मिशन के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि यह धरती को बचाने का 1,000 साल का विजन है। अंबानी ने इस बात पर जोर दिया कि वन्यजीवों को बचाने का काम सिर्फ नेक इरादों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसके लिए सही ट्रेनिंग और एक्सपर्ट्स की भी उतनी ही जरूरत है। यह स्पीच 3,000 एकड़ में फैले वंतारा वाइल्डलाइफ रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन सेंटर के अंदर दी गई। इसके साथ ही इस यूनिवर्सिटी की एक साफ तस्वीर पेश की गई, जिसे दुनिया की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी माना जा रहा है जो पूरी तरह से वन्यजीव संरक्षण और जानवरों के इलाज की पढ़ाई के लिए समर्पित है।
अंबानी ने अपने भाषण में सिर्फ बुनियादी ढांचा खड़ा करने की जगह काबिलियत यानी क्षमता बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के लिए जानवरों के बेहतरीन डॉक्टर और वैज्ञानिक तैयार करना चाहते हैं। उनके बयान से साफ होता है कि दुनिया भर में जानवरों की सेहत, उनकी बीमारियों और उन्हें बचाने के विज्ञान को जानने वाले जानकारों की भारी कमी है, जिसे वो पूरा करना चाहते हैं।
उन्होंने बताया कि आज के समय में इस यूनिवर्सिटी की जरूरत क्यों है। दरअसल, प्रकृति पर दबाव बढ़ रहा है, जीव-जंतुओं की प्रजातियां खत्म हो रही हैं और जानवरों में नई-नई बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारे इस काम के केंद्र में सिर्फ जानवर और प्रकृति ही है। अनंत अंबानी के मुताबिक, वंतारा यूनिवर्सिटी इन वैज्ञानिक और नैतिक चुनौतियों से निपटने का एक जरिया बनेगी।
अंबानी ने इस पहल को मदर नेचर यानी प्रकृति से जुड़ा बताते हुए कहा कि इस यूनिवर्सिटी का मकसद ऐसे प्रोफेशनल्स तैयार करना है, जिनके पास टेक्निकल नॉलेज के साथ-साथ जानवरों के लिए दिल में दया भी हो। उन्होंने अपने भाषण में इस ओर इशारा किया कि आजकल के कंजर्वेशन सिस्टम में अक्सर इन दोनों चीजों के मेल की कमी दिखती है।
अपनी स्पीच में उन्होंने यूनिवर्सिटी की पढ़ाई-लिखाई के ढांचे के बारे में भी बताया। वंतारा यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन और फेलोशिप जैसे कई कोर्स होंगे। इसमें जानवरों की सर्जरी, उनके व्यवहार, जेनेटिक्स, बीमारियों के फैलने और उन्हें बचाने से जुड़ी नीतियों जैसे खास विषयों की पढ़ाई कराई जाएगी।
यह यूनिवर्सिटी एक ग्लोबल हब के रूप में काम करेगी। इसमें वंतारा के जमीन पर काम करने के अनुभव को पढ़ाई और रिसर्च के साथ जोड़ा जाएगा। साथ ही, समय के साथ दुनिया भर के बड़े संस्थानों के साथ मिलकर काम करने की योजना भी है।
यह यूनिवर्सिटी सिर्फ पढ़ाई-लिखाई का एक संस्थान भर नहीं है, बल्कि अनंत अंबानी ने अपनी स्पीच में इसे जानवरों को बचाने के एक बड़े मिशन का हिस्सा बताया। इस मिशन में जानवरों के रेस्क्यू, उन पर रिसर्च, उनकी शिक्षा और उनसे जुड़ी सरकारी नीतियों को एक साथ जोड़ा जाएगा।












