• About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact
Friday, June 19, 2026
  • Login
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
No Result
View All Result

अनेक विकसित देशों को छोड़ा पीछे… नए भारत ने रोबोटिक साइंस को दी नई दिशा

छठे सबसे बड़े रोबोट राष्ट्र के रूप में तेजी से हो रहा विकसित

by Blitz India Media
March 16, 2026
in Hindi Edition
0
रोबोटिक्स में भारत की बड़ी छलांग, औद्योगिक रोबोट स्थापना में दुनिया में छठा स्थान
विनोद शील

नई दिल्ली। भारत में भी रोबोट अब सिर्फ कहानी और किताबों में नहीं बल्कि वास्तविकता दुनिया में दिखाई देने लगे हैं। औद्योगिक रोबोटों की स्थापना में आधिकारिक तौर से विश्व स्तर पर 10वें स्थान से ऊपर उठकर छठे सबसे बड़े देश के रूप में स्थान प्राप्त करके भारत ने वैश्विक स्तर पर जबरदस्त सुर्खियां बटोरी हैं। यह एक रिकॉर्ड तोड़ छलांग है जो देश को कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आगे ले जाती है और विनिर्माण नवाचार में एक नए अध्याय का संकेत भी देती है।

‘मेक इन इंडिया’ और पीएलआई ने निभाई अहम भूमिका

-2024 में 9,120 औद्योगिक रोबोट किए गए स्थापित
– देश में कुल परिचालित रोबोट की संख्या 52,000 से अधिक

यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि ऑटोमोटिव और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में स्वचालन की मांग तेजी से बढ़ी और रोबोटिक्स मार्केट का दायरा भी तेजी से बढ़ा। औद्योगिक रोबोटिक्स बाजार 2024-2030 के दौरान 13.8 प्रतिशत से अधिक के सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ने की उम्मीद है। इसके 2030 तक 3.4 बिलियन डॉलर से अधिक के राजस्व तक पहुंचने और 2034 तक चार गुना तक बढ़कर 7.4 अरब डॉलर का बाजार होने की उम्मीद है।

क्या कहते हैं आंकड़े
इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स (आईएफआर) की वर्ल्ड रोबोटिक्स 2025 रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 2024 में 9,120 औद्योगिक रोबोट स्थापित किए जो पिछले वर्ष की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। यह उपलब्धि भारत को जर्मनी, दक्षिण कोरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और चीन जैसे उन्नत रोबोटिक्स लीडर्स के ठीक पीछे, वैश्विक स्तर पर छठे स्थान पर रखती है। इस वृद्धि ने भारत को वार्षिक रोबोट स्थापना में फ्रांस, स्पेन और इटली जैसे देशों से आगे कर दिया है जिससे विश्व स्तर पर नए भारत ने विशेष सुर्खियां बटोरी हैं।

देश में रोबोटों की कुल परिचालन संख्या 52,000 इकाइयों से अधिक हो गई है जो न केवल एक बार की वृद्धि बल्कि निरंतर निवेश और रोबोटों के उपयोग को दर्शाती है।

इनमें से अधिकांश रोबोट कारखानों और उत्पादन लाइनों में प्रयोग किए जा रहे हैं जिससे विविध औद्योगिक आधार पर दक्षता, सटीकता और उत्पादन में वृद्धि होती है।

इतनी तेजी से कैसे आगे बढ़ रहा भारत?
भारत के इतने तेजी से आगे बढ़ने का एक प्रमुख कारण ऑटोमोटिव उद्योग है जिसकी रोबोट स्थापना में लगभग आधी बाजार हिस्सेदारी है। 2024 में कार पुर्जों के आपूर्तिकर्ताओं द्वारा स्वचालन को अपनाने में 15 प्रतिशत की वृद्धि के कारण ऑटोमोटिव रोबोट स्थापना की संख्या 4,070 तक पहुंच गई जो अब तक का उच्चतम स्तर है। 2024 में, ऑटोमोटिव उद्योग ने 45 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी के साथ सबसे अधिक रोबोट अपनाए। इसके अलावा, प्लास्टिक, रबर और रसायन उद्योग में भी महत्वपूर्ण वृद्धि देखी जा रही है। प्रत्येक में रोबोटों के उपयोग में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की जा रही है। भारत के कारखाने उत्पादकता और सुरक्षा के पैमाने पर तेजी से आधुनिक हो रहे हैं तथा रबर, प्लास्टिक और धातु जैसे क्षेत्र स्वचालन के प्रति ऐसी रुचि दिखा रहे हैं जो पहले केवल सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में ही देखी जाती थी। रोबोट अब वस्तुओं को आकार देने, असेंबल करने, वेल्डिंग करने और पैकेजिंग करने में ऐसी गति और सटीकता का उपयोग कर रहे हैं जो मानव श्रम के लिए असंभव है।

नीतिगत प्रोत्साहन: मेक इन इंडिया एवं और भी बहुत कुछ
भारत का रोबोटिक्स क्षेत्र में एक शक्तिशाली शक्ति के रूप में उभरना सरकारी नीतियों और कंपनियों की महत्वाकांक्षाओं के मेल से प्रेरित है। ‘मेक इन इंडिया’ और उत्पादन-संबंधित प्रोत्साहन (पीएलआई) जैसी योजनाओं ने उन्नत स्वचालन को बढ़ावा देकर घरेलू विनिर्माण को गति प्रदान की है। ओईसीडी ने 2025 और 2026 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.3 प्रतिशत प्रति वर्ष रहने का अनुमान लगाया है जिसमें बढ़ती वैश्विक और घरेलू मांग कंपनियों को स्मार्ट कारखानों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

स्टार्टअप्स और एआई : ह्यूमनाइड (मानवाकार) रोबोट स्टार्टअप में भारत तीसरे स्थान पर है जिसमें 12 से अधिक ऐसे स्टार्टअप काम कर रहे हैं। एआई और रोबोटिक्स के क्षेत्र में 2026 तक 5 लाख करोड़ से ज्यादा के इन्वेस्टमेंट कमिटमेंट्स के संकेत मिल रहे हैं।

वैश्विक तुलना: पिछड़ने की संभावना, विकास की गुंजाइश
देश में रोबोटों की बढ़ती संख्या एक सुखद आश्चर्य है लेकिन उद्योग विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत को अभी भी काफी प्रगति करनी है। उदाहरण के लिए, चीन निर्विवाद रूप से वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना हुआ है जहां 20 लाख से अधिक रोबोट कार्यरत हैं और वार्षिक स्थापना दर भारत से तीस गुना अधिक है। इसी तरह स्वचालन परिपक्वता का एक प्रमुख मापदंड, रोबोट घनत्व, भारत में कम बना हुआ है। जहां प्रति 10,000 विनिर्माण श्रमिकों पर केवल 7 रोबोट हैं जबकि वैश्विक औसत 141 है। ऑटोमोटिव क्षेत्र में भारत का रोबोट घनत्व प्रति 10,000 पर 148 है जबकि दक्षिण कोरिया 2,867 के साथ अग्रणी है।

आगे का रास्ता: अवसर और चुनौतियां
रोबोट रैंकिंग में भारत की बढ़त जारी रहने की संभावना है लेकिन 2026 में कुछ सरकारी प्रोत्साहनों के समाप्त होने के कारण इसमें मंदी आने का भी अनुमान है। हालांकि दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा और इलेक्ट्रिक वाहन परियोजना निवेश निरंतर अवसरों का वादा करते हैं। स्वचालन में वृद्धि से नई आवश्यकताएं भी उत्पन्न होती हैं पर साथ ही कुशल कार्यबल, पुनर्प्रशिक्षण और रोबोटिक्स, एआई और आईओटी में अंतर-उद्योग सहयोग को भी गति प्रदान करनी होगी।

एक प्रगतिशील राष्ट्र : दुनिया के छठे सबसे बड़े रोबोट इंस्टॉलर के रूप में भारत की उपलब्धि केवल हार्डवेयर तक सीमित नहीं है। यह महत्वाकांक्षा, परिवर्तन और भविष्य पर दांव लगाने की कहानी है। उत्पादन लाइन में शामिल होने वाले प्रत्येक नए रोबोट के साथ, भारत एक वास्तविक औद्योगिक शक्ति बनने के एक कदम और करीब आ रहा है जो अत्याधुनिक तकनीक, कुशल मानव संसाधन और विनिर्माण उत्कृष्टता के लिए एक नए दृष्टिकोण के साथ वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है।

विशेषज्ञों का मत : विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में भारतीय उद्योगों में रोबोट की भूमिका और बढ़ेगी। दिल्ली आईआईटी और कई स्टार्टअप कंपनियां ऐसे रोबोट विकसित कर रही है जो कठिन और जोखिम भरे काम कर सकें। इनमें चार पैरों वाले रोबोट, सांप की तरह लचीले रोबोटिक आर्म और छोटे ह्यूमनॉइड रोबोट शामिल है। इनका मकसद उन जगहों पर काम करना है जहां इंसानों के लिए जाना मुश्किल या खतरनाक होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में रोबोटिक्स उद्योग अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन इसकी संभावनाएं काफी बड़ी है। फिलहाल देश का रोबोटिक्स बाजार करीब 1.9 अरब डॉलर का है। अनुमान है कि 2034 तक यह बढ़कर करीब 7.4 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यानी अगले नौ वर्षों में यह लगभग चार गुना हो जाएगा।

न चीन, न अमेरिका-जापान में बनते हैं सबसे अधिक रोबोट
आज के समय में रोबोट्स आधुनिक फैक्टि्रयों और बड़ी कंपनियों के काम आसान बना रहे हैं।
गाड़ियों के निर्माण से लेकर सामान की पैकेजिंग करने तक लगभग हर काम में रोबोट्स अहम भूमिका निभा रहे हैं लेकिन न चीन, न अमेरिका, दुनिया के आधे रोबोट अकेले जापान बनाता है। यह देश, टेक्नोलॉजी में सबसे आगे है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रोबोटिक्स के मुताबिक, पूरी दुनिया में जितने भी इंडस्टि्रयल रोबोट्स सप्लाई होते हैं, उनमें से लगभग 45 प्रतिशत का हिस्सा अकेले जापान का है।

1. CynLr का CyNoid एक मोबाइल सिस्टम है जिसमें तीन 7-एक्सिस आर्म लगे हैं। यह अनजान चीजों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में काम आता है। सिनएलआर बेंगलुरु स्थित कंपनी है जिसकी स्थापना 2019 में गोकुल एनए और निखिल रामास्वामी ने की थी। यह रोबोटिक्स और साइबरनेटिक्स में विजुअल ऑब्जेक्ट इंटेलिजेंस में विशेषज्ञता रखती है।

2. xTerra Robotics एक भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप है। यह चार पैरों वाले रोबोट डॉग एससीओआरपी (स्कॉर्प)) को बनाने के लिए जानी जाती है जो भारत का पहला स्वदेशी लेग्ड मोबाइल मैनिपुलेटर (चौपाया रोबोट या स्मार्ट ‘रोबोडॉग’) है। इसे आईआईटी कानपुर में इनक्यूबेटेड स्टार्टअप xTerra Robotics द्वारा विकसित किया गया है। यह रोबोट चार पैरों पर चलने की क्षमता को एक रोबोटिक आर्म (भुजा) के साथ जोड़ता है जिससे यह जटिल वातावरण में निरीक्षण, वस्तुओं को उठाने और सुरक्षा जैसे काम कर सकता है जो निगरानी, सुरक्षा और इंडस्टि्रयल टास्क में इस्तेमाल होता है।

Related Posts

क्या 2029 तक एकजुट रह पाएगा इंडिया गठबंधन?
Hindi Edition

सवालों में घिरी विपक्षी एकता

June 19, 2026
forbes-asia-30-under-30-india-2026
Hindi Edition

फोर्ब्स की ’30 अंडर 30′ लिस्ट में 78 एंट्री के साथ भारत शीर्ष पर

June 19, 2026
cancer
Hindi Edition

पैनक्रियाटिक कैंसर के खिलाफ बड़ी कामयाबी

June 19, 2026
china-tibet-colonial-games-book-review
Hindi Edition

चीन, तिब्बत और सच की लड़ाई

June 19, 2026
export
Hindi Edition

युद्ध संकट के बावजूद यूपी का एक्सपोर्ट पहली बार 2 लाख करोड़ के पार

June 19, 2026
up police
Hindi Edition

दिल्ली में बस की सुरक्षा सशस्त्र महिला पुलिस के हवाले

June 19, 2026
Load More
Next Post
“कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर”

भारत समेत चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश और तमाम देशों पर असर

Recent News

real estate
News

Office REITs penetration to rise by 30 pc

by Blitz India Media
June 19, 2026
0

Blitz Bureau NEW DELHI: Real estate investment trusts and infrastructure investment trusts in India have seen an increase in office...

Read moreDetails
Delhi L-G Sandhu Opens First All-Women Police Station

Delhi LG opens first all-women police station

June 19, 2026
Rajnath Singh o

India set to excel in defence production: Rajnath

June 19, 2026
Sitharaman launches biggest spice unit in NE

Sitharaman launches biggest spice unit in NE

June 19, 2026
US-Iran talks in Switzerland postponed

US-Iran talks in Switzerland postponed

June 19, 2026

Blitz Highlights

  • Special
  • Spotlight
  • Insight
  • Entertainment
  • Health

International Editions

  • US (New York)
  • UK (London)
  • Middle East (Dubai)
  • Tanzania (Africa)

Nation

  • East
  • West
  • South
  • North
  • Hindi Edition

E-paper

  • India
  • Hindi E-paper
  • Dubai E-Paper
  • USA E-Paper
  • UK-Epaper
  • Tanzania E-paper

Useful Links

  • About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact

©2024 Blitz India Media -Building A New Nation

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

    No Result
    View All Result
    • Blitz Highlights
      • Special
      • Spotlight
      • Insight
      • Entertainment
      • Sports
    • Opinion
    • Legal
    • Perspective
    • Nation
      • East
      • West
      • North
      • South
    • Business & Economy
    • World
    • Hindi Edition
    • International Editions
      • Dubai
      • Tanzania
      • United Kingdom
      • USA
    • Blitz India Business

    ©2024 Blitz India Media -Building A New Nation