ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में इस महीने की शुरुआत में बड़े पैमाने पर उड़ान रद होने से यात्रियों को हुई भारी परेशानी के बाद कंपनी अब पुनर्निर्माण और स्थिरता पर फोकस कर रही है। इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों को भेजे एक वीडियो संदेश में कहा कि एयरलाइन की मौजूदा प्राथमिकताएं रेजिलिएंस (लचीलापन), रूट-कॉज एनालिसिस और रीबिल्डिंग हैं।
एयरलाइन का ध्यान
एल्बर्स ने कहा कि 9 दिसंबर को परिचालन स्थिर होने की जानकारी साझा की गई थी और इसके बाद इंडिगो ने अपना नेटवर्क बहाल करते हुए करीब 2,200 उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब हमारा ध्यान तीन चीजों पर है रेजिलिएंस, मूल कारणों का विश्लेषण और एयरलाइन का पुनर्निर्माण।
सीईओ ने बताया कि बोर्ड ने एक बाहरी विमानन विशेषज्ञ को नियुक्त किया है, जो हालिया परिचालन अव्यवस्था के पीछे के कारणों की व्यापक जांच करेगा। उनके मुताबिक, उड़ानें रद होने की स्थिति कई कारकों के संयुक्त प्रभाव का नतीजा रही।
इस बीच इंडिगो के प्रवक्ता का कहना है कि 9 दिसंबर 2025 से पूरे नेटवर्क में 1,800 से अधिक उड़ानों के साथ परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने के बाद, इंडिगो धीरे-धीरे और सावधानीपूर्वक क्षमता बढ़ा रही है और संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 2,200 से अधिक उड़ानें संचालित करेगी।
इंडिगो के शीर्ष नेतृत्व नेटवर्क की नई रणनीति
एल्बर्स ने यह भी कहा कि वह और इंडिगो का शीर्ष नेतृत्व नेटवर्क के विभिन्न हिस्सों का दौरा करेगा, ताकि ग्राउंड स्टाफ और अन्य कर्मचारियों से सीधे मुलाकात कर उन चुनौतियों को समझा जा सके, जिनका उन्हें इस संकट के दौरान सामना करना पड़ा। इस दौरान एयरपोर्ट्स पर तैनात कर्मचारियों को यात्रियों के गुस्से और असंतोष का सामना करना पड़ा था। बता दें कि 1 से 9 दिसंबर के बीच इंडिगो ने हजारों उड़ानें रद कीं। इसका मुख्य कारण पायलटों की ड्यूटी और विश्राम अवधि से जुड़े नए डीजीसीए नियमों को लागू करने में योजना की कमी और क्रू शॉर्टेज बताया गया। ये नियम 1 नवंबर से प्रभावी हुए थे।
इस मामले में डीजीसीए की एक समिति पहले से जांच कर रही है, जबकि केंद्र सरकार ने भी कार्रवाई करते हुए इंडिगो के शीतकालीन शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी है।

























