ब्लिट्ज ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने किसानों को सौगात देते हुए एमएसपी में भारी बढ़ोतरी की है। सरकार ने 2025-26 खरीफ विपणन सत्र के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3 प्रतिशत बढ़ाकर 2,369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने इस संबंध में निर्णय लिया। आगामी फसल वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) के खरीफ सत्र के लिए सामान्य और ए ग्रेड धान की किस्मों का समर्थन मूल्य 69 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर क्रमश: 2,369 रुपये और 2,389 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं को बताया कि सरकार ने 2025-26 के लिए खरीफ फसलों के एमएसपी में वृद्धि की है, ताकि उत्पादकों को उनकी उपज के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके। पिछले वर्ष की तुलना में एमएसपी में सबसे अधिक वृद्धि नाइजरसीड के लिए की गई है, इसके बाद रागी, कपास और तिल का स्थान आता है। खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि केंद्रीय बजट 2018-19 की घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना के स्तर पर तय करने की बात कही है।
किसान क्रेडिट कार्ड
सरकार ने संशोधित ब्याज सहायता योजना (एमआईएसएस) को 2025-26 के लिए जारी रखने को मंजूरी दे दी, जिसके तहत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से सस्ती दर पर अल्पकालिक ऋण मिलता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि मौजूदा 1.5 प्रतिशत ब्याज सहायता के साथ वित्त वर्ष 2025-26 के लिए एमआईएसएस को जारी रखने का निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया। इस योजना को जारी रखने से सरकारी खजाने पर 15,640 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। एमआईएसएस केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसका उद्देश्य केसीसी के माध्यम से किसानों को सस्ती ब्याज दर पर अल्पकालिक ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। एमआईएसएस के तहत, किसानों को केसीसी के माध्यम से 7 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का अल्पकालिक ऋण मिलता है, जिसमें पात्र ऋण देने वाली संस्थाओं को 1.5 प्रतिशत ब्याज सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, समय पर ऋण चुकाने वाले किसान शीघ्र पुनर्भुगतान प्रोत्साहन (पीआरआई) के रूप में 3 प्रतिशत तक के प्रोत्साहन के पात्र होते हैं, जिससे केसीसी ऋण पर उनकी ब्याज दर प्रभावी रूप से 4 प्रतिशत तक कम हो जाती है।
केवल पशुपालन या मत्स्य पालन के लिए लिए दिए गए ऋणों के लिए ब्याज लाभ 2 लाख रुपये तक लागू है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि योजना की संरचना या अन्य घटकों में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है। देश में 7.75 करोड़ से अधिक केसीसी खाते हैं।
बडवेल नेल्लोर फोर-लेन हाईवे को मंजूरी
यह हाईवे बडवेल-गोपरावम गांव (एनएच-67) से लेकर गुरुविंदापुडी (एनएच-16) तक बनेगा। इसकी कुल लंबाई 108.134 किलोमीटर होगी। इस फोर लेन की कुल अनुमानित लागत 3653.10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
खरीफ फसलों की खरीद मूल्य वृद्धि
धान- 2,300 रुपए से बढ़कर 2,369 रुपए कर दी गई है, यानी 69 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।
धान (A ग्रेड)- 2,320 से बढ़ाकर 2,389 रुपए
ज्वार (हाइब्रिड)- 3,371 से बढ़कर 3,699 रुपए
•ज्वार (मालदंडी किस्म)- 3,421 से बढ़कर 3,749 रुपए।
•बाजरा- 2,625 से बढ़कर 2,775 रुपए
• रागी- 4,290 से बढ़कर 4,886 रुपए
मक्क ा- 2,225 से बढ़ाकर 2,400 रुपए की गई है।
•तुअर/अरहर 7,550 से बढ़कर 8,000 रुपए
•मूंग-8,682 से बढ़ाकर 8,768 रुपए
•उड़द- 7,400 से बढ़ाकर 7,800 रुपए
•मूंगफली 6,783 से बढ़ाकर 7,263 रुपए
•सूरजमुखी- 7,280 से बढ़ाकर 7,721 रुपए
सोयाबीन 4,892 से बढ़ाकर 5,328 रुपए
•तिल- 9,267 से बढ़ाकर 9,846
•रामतिल 8,717 से बढ़ाकर 9,537 रुपए
•कपास (मिडिल स्टेपल) – 7,121 से बढ़ाकर 7,710 रुपए
•कपास (लॉन्ग स्टेपल)- 7,521 से बढ़ाकर 8,110 रुपए।

























