मनोज जैन
नई दिल्ली। पेंट बनाने वाली कंपनी जेएसडब्ल्यू पेंट्स अब भारत में और भी बड़ी खिलाड़ी बनने जा रही है। उसने एक बहुत बड़ी डील की है। जेएसडब्ल्यू पेंट्स ने एक्जो नोबेल की इंडिया यूनिट में 74.7% हिस्सेदारी खरीदने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह डील 9403.22 करोड़ रुपये में हुई है। एक्जो नोबेल इंडिया में ‘डुलक्स’ ब्रांड के नाम से कारोबार करती है। इस डील के बाद जेएसडब्ल्यू पेंट्स, भारत के 90,000 करोड़ रुपये के पेंट बाजार में चौथी सबसे बड़ कंपनी बन जाएगी। यह बाजार बहुत ही कॉम्पिटिटिव है।
डील की घोषणा के बाद, कंपनी के छोटे शेयरधारकों से 26% हिस्सेदारी खरीदने का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। इसे ‘ओपन ऑफर’ कहते हैं। इस ऑफर की कीमत सेबी के नियमों के अनुसार तय होगी। अगर ओपन ऑफर सफल रहता है, तो जेएसडब्ल्यू, एक्जो से आनुपातिक शेयर खरीदेगी लेकिन जेएसडब्ल्यू 75% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं खरीदेगी। इसका मतलब है कि एक्जो नोबेल के पास थोड़ी हिस्सेदारी बनी रह सकती है।
कंपनी का सबसे बड़ा अधिग्रहण
सबसे पहले मीडिया ने 26 मई को यह खबर दी थी कि जेएसडब्ल्यू ने एक बिलियन डॉलर में एक्जो नोबेल को खरीदने का समझौता किया है। यह जेएसडब्ल्यू का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण है।
समझौते के अनुसार, एक्जो नोबेल अपनी हिस्सेदारी दो प्रमोटर कंपनियों के माध्यम से बेचेगी। इनमें इंपीरियल कैमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड शामिल है, जिसके पास एक्जो नोबेल इंडिया की 50.46% हिस्सेदारी है। इसे होल्डिंग/प्रमोटर कंपनी माना जाता है। दूसरी कंपनी एक्जो नोबेल कोटिंग इंटरनेशनल बी.वी. है जिसके पास 24.30% हिस्सेदारी है। इसे भी होल्डिंग/प्रमोटर कंपनी माना जाता है।
इन कंपनियों को छोड़ा पीछे
पार्थ जिंदल इस पेंट कंपनी के हेड हैं। उन्होंने इंडिगो पेंट्स और एडवेंट इंटरनेशनल के कंसोर्टियम और एडहेसिव बनाने वाली कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज की बोलियों को पीछे छोड़ दिया।
इस डील के बारे में पार्थ जिंदल ने जनवरी में कहा था कि एक्जो नोबेल इंडिया की हिस्सेदारी खरीदना उनके लिए एक रोमांचक अवसर है। उन्होंने यह भी कहा था, ‘कोई विकल्प नहीं है… मुझे एक्जो नोबेल इंडिया के लिए अपना सब कुछ देना होगा।’
एक्जो नोबेल इंडिया के डुलक्स पेंट्स, लग्जरी और अल्ट्रा-प्रीमियम सेगमेंट में काम करते हैं। शहरों में इनकी अच्छी पकड़ है। इस डील से जेएसडब्ल्यू पेंट्स को ब्रांड के नाम और बाजार में पहुंच दोनों में बहुत फायदा होगा।
मुकेश अंबानी ने पेंट इंडस्ट्री को कहा ‘बाय बाय’
मुकेश अंबानी भी अपनी कुछ हिस्सेदारी के लिए पेंट इंडस्ट्री में शामिल थे लेकिन अब वह इस इंडस्ट्री से बाहर निकल गए हैं। अंबानी की एशियन पेंट्स में 500 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी थी। हालांकि अब 17 साल बाद उन्होंने अपनी हिस्सेदारी 9,080 करोड़ रुपये में बेच दी और 2200% मुनाफा लेकर पेंट्स इंडस्ट्री से अलग हो गए।












