दीपक द्विवेदी>
अभी तक की जांच पड़ताल, आकलन और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से साफ है की पाकिस्तान द्वारा कश्मीर के पहलगाम में इंसानियत के खिलाफ किया गया अक्षम्य क्रूर हमला, भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय महत्व और उसकी तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की आत्मा को घायल करने के लिए था। आतंकी तो मुखौटे मात्र हैं। आतंकियों का आका पाकिस्तान किसी भी सूरत में भारत के तेजी से बढ़ते कदमों को लड़खड़ाता हुआ देखना चाहता है। हिंदू और मुस्लिम के बीच की खाई को बढ़ाने की नापाक साजिश और पवित्र इस्लाम को कलंकित करने के कुख्यात खेल के साथ खोखले और बदनाम पाकिस्तान की खिसियाहट और आत्मघाती जलन का एक घिनौना और दरिंदगी भरा कारनामा है पहलगाम में किया गया मौत का यह तांडव कुकृत्य।
पाकिस्तान की इस बेरहम और गंदी हरकत की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रूस के राष्ट्रपति पुतिन, सऊदी अरब एवं यूएई के किंग और यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल एंटानियो गुटेरेस समेत दुनिया के अनेक राष्ट्राध्यक्षों ने जिस तरह से निंदा और भर्त्सना की है और भारत के साथ हर स्थिति में मजबूती के साथ खड़े रहने का, सारी दुनिया को मजबूत संदेश दिया है, उससे पाकिस्तान कांप रहा है।
हालात तस्दीक करते हैं कि अब पाकिस्तान जान चुका है कि उस पर भारत का बेरहमी से हमला होने वाला है। हर भारतीय की मनोकामना है कि भारत इस बार पाकिस्तान को झुलसाकर ऐसा सबक सिखाये कि उसकी रूह कांपने लगे। भारत की हुकूमत भी अपने नागरिकों की मनोदशा को जान चुकी है। साफ देखा जा सकता है कि कश्मीर की इस घटना ने प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक सोच को अब बदले हालात में सर्वोच्च सेनापति के ओहदे की सोच वाला एक क्रांतिकारी, स्वाभिमानी और दुश्मन को दफन करने का जज़्बा रखने वाला जुझारू अग्रणी सैनिक बना दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीयों की भावनाओं का सम्मान करने और दुनिया को अपनी राजनीतिक और कूटनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने के लिए शीघ्र ही देश के आत्मसम्मान और आत्मरक्षा के लिए असाधारण और ऐतिहासिक कदम उठाने के रास्ते पर आगे बढ़ते दिख रहे हैं।
हालात गवाह हैं कि भारत अपनी भयंकर जवाबी कार्यवाही से पहले उन सभी कूटनीतिक मान्यताओं और परंपराओं का बहुत तेजी से पूरी तरह से निर्वहन कर रहा है जो कि समूची दुनिया को सर्वमान्य हो। इसी कड़ी का पहला कदम नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग को बंद करना है।
हालात से साफ है कि अब जल्द ही शुरू होगा पहला वह भारतीय एक्शन जो पाकिस्तान में तबाही का पैगाम होगा। भारत की एकता, अखंडता और निर्भीकता को ललकारने और उस पर हमला करने वालों पर जवाबी और नसीहत देने वाली होगी यह दंडात्मक कार्यवाही ।

























