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वृद्धा पेंशन के लिए अब घर बैठे होगा सत्यापन

by Blitz India Media
April 4, 2025
in Hindi Edition
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Now verification for old age pension will be done from home
ब्लिट्ज ब्यूरो

लखनऊ। यूपी में गरीब बुजुर्गों को गुजर बसर के लिए दी जाने वाली एक हजार रुपये की वृद्धावस्था पेंशन लेने को लेकर शासन स्तर से पिछले दिनों सत्यापन करवाने का निर्देश दिया गया था जिसके बाद प्रदेश स्तर पर जिलेवार सत्यापन कराने की योजना बना ली गई है।
अप्रैल महीने में इसकी शुरुआत के साथ मई-जून तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, लाभार्थियों को इसके लिए किसी भी तरह से विभाग, जनसेवा केंद्र और साइबर कैफे के चक्क र नहीं लगाने पड़ेंगे। संबंधित कर्मचारी लाभार्थियों के घर जाकर सत्यापन की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी दी जाएगी।
आईटीआर भरने वाले भी ले रहे थे पेंशन
दरअसल, कुछ दिन पहले सामने आया था कि वृद्धा पेंशन योजना में सेंधमारी हो रही है। आईटीआर (इनकम टैक्स रिटर्न) भरने और आयकर देने वाले ‘गरीब’ बुजुर्ग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। वहीं इसका खुलासा प्रदेश में चल रही राशन कार्डों की जांच और उनके लाभार्थियों की सरकारी योजनाओं से करवाई जा रही मिलान से हुआ। प्राथमिक जांच में पाया गया कि प्रदेश में दो से ढाई हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जो वृद्धावस्था पेंशन भी ले रहे हैं और आईटीआर फाइल कर रहे हैं। इनमें कई आयकर दे रहे हैं।
गाजियाबाद में हुई थी जांच
इस खुलासे के बाद हरकत में आए समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन योजना की जांच शुरू करवा दी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गाजियाबाद में इसकी जांच शुरू की गई। खबर है कि वहां पांच सौ से सात सौ के करीब ऐसे ‘लाभार्थी’ पाए गए जो इसके दायरे में नहीं आते हैं। इसके अलावा संज्ञान में आया है कि वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेने वाले कुछ लाभार्थी आईटीआर भर रहे हैं और आयकर भी दे रहे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए जांच करवाई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ऐसे लोगों से दी गई रकम की रिकवरी की जाएगी।
लखनऊ की जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता सिंह ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को वृद्धावस्था पेंशन सरकार की तरफ से दी जाती है। हालांकि, अभी हाल ही में शासन ने सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं जिसके चलते अब विभाग द्वारा अप्रैल महीने से इस प्रक्रिया को शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि सत्यापन करने के लिए पेंशनर्स को कुछ भी नहीं करना होगा। पेंशनर्स की सूची ब्लॉकवार भेजी जाएगी। इसके बाद ग्राम पंचायत में सचिव घर-घर जाकर लाभार्थियों का सत्यापन करेंगे। वहीं शहरी इलाके में नगर निगम के द्वारा यह काम किया जाएगा। ज्ञात हो कि इससे पहले लखनऊ के 72000 लाभार्थियों को वृद्धा पेंशन उनके खाते में भेजी गई थी।
यूपी में 5 लाख लाभार्थी जोड़े जोड़े गए
समाज कल्याण विभाग की ओर से यूपी में वृद्धावस्था पेंशन योजना चलाई जा रही है। योजना के तहत वर्तमान में यूपी के करीब 60 लाख बुजुर्गों को हर महीने एक हजार रुपये के हिसाब से पेंशन दी जा रही है। वहीं 2025- 26 के बजट में 5 लाख और लाभार्थी जोड़े गए हैं। पेंशन तिमाही लाभार्थी के बैंक खातों में पहुंचती है। नियमानुसार, यूपी में गरीबी की रेखा के नीचे वाले उन परिवारों के उन बुजुर्गों को पेंशन का लाभ दिया जाता है जिनकी उम्र 60 साल या उससे अधिक हो। इतना ही नहीं, पेंशन के मानक में उनकी सालाना आय का भी निर्धारण किया गया है। योजना का लाभार्थी अगर शहरी क्षेत्र का है, तो उसकी अधिकतम सालाना आय 56,460 रुपये होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थी की सालाना आय नियमों में 46,080 रुपये तय की गई है।

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