दीपक द्विवेदी
आतंकियों को मारने के साथ उन्हें पालने वाले भी बचेंगे नहीं। पीएम मोदी ने यह भी बता दया कि अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ही भारत का न्यू नॉर्मल है। यह स्थगित हुआ है पर रुका नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर’ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन; दोनों ही देश और दुनिया को अहम संदेश देने वाले रहे। यह सिर्फ़ हमला ही नहीं था बल्कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ यह भी स्थापित करने में सफल रहा कि आतंकवाद और उसको पालने वालों के खिलाफ भारत की अब क्या ‘युद्ध नीति’ रहने वाली है। उल्लेखनीय है कि 7 मई को जब भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ जगहों पर हमला करके नृशंस पहलगाम आतंकी हमले का जवाब दिया, तो उसने इस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा। सिंदूर, विवाहित हिंदू महिलाओं का प्रतीक है और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए नरसंहार का संदर्भ है, जिसमें नवविवाहिताओं सहित पुरुषों को उनके धर्म के आधार पर चुना गया और आतंकवादियों ने उनकी हत्या कर दी। योद्धा भी गर्व के साथ सिंदूर का तिलक लगाते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने संबोधन में साफ कह दिया है कि जो भी देश भारत की माताओं-बहनों का सिंदूर मिटाने की कोशिश करेगा; उसको हम मिट्टी में मिला देंगे।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए भारतीय सेना की ताकत तो दुनिया ने देख ही ली है, पाकिस्तान की सबसे बड़ी रणनीतिक धमकी भी हमेशा के लिए समाप्त हो गई। पाकिस्तान हमेशा परमाणु हमले की धमकी देता रहता था पर इस बार की स्ट्राइक में भारत ने इस मिथ्या प्रचार को भी मिट्टी में मिला दिया। भारत के वीर सैनिकों और उसकी रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान को उसके घर में घुस कर मारा और उसे इसकी भनक तक भी न लग सकी। शुरू से ही पाकिस्तान की रणनीति का एक खास हिस्सा रहा है कि वह हमेशा परमाणु हमले की ‘गीदड़ भभकी’ देता रहता था। इस बार भारत की सेना के अभूतपूर्व एक्शन ने पाकिस्तान को पूरी तरह से एक्सपोज कर के रख दिया। इस सफल ऑपरेशन से देश की सैन्य सामर्थ्य ही नहीं चमकी, दुनिया को इस बात का भी अहसास हो गया कि भारत के पास किस तरह की टेक्नॉलजी है। चीन की मदद से अपनी फौज को मजबूत कर रहे पाकिस्तान के लिए भारत की प्रिसिजन स्ट्राइक एक बहुत बड़ा झटका साबित हुई हैं।
बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने सबसे अधिक ध्यान अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को मजबूत करने पर लगा दिया था। चीन ने उसे कई रडार सिस्टम उपलब्ध कराए थे जो बहुत अत्याधुनिक माने जा रहे थे पर भारतीय सेना ने जिस तरह से पाकिस्तान की एयर डिफेंस प्रणाली एवं रडार को ही निशाना बना कर ध्वस्त कर डाला; उससे पाकिस्तान की इज्जत विश्व में मटियामेट हुई है। यही नहीं, चीन को भी इससे करारा झटका लगा है। पाकिस्तान ने अपने सबसे उम्दा प्लेटफॉर्म और हथियारों का इस्तेमाल किया था। उसने भारत के कई एयरफील्ड को निशाना बनाने की कोशिश की पर भारत के एयर डिफेंस सिस्टम के आगे पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। भारत ने लगभग सभी हमलों को विफल कर दिया। पाकिस्तान ने जिस तरह से पूरे बॉर्डर पर एक साथ हमला बोला तथा हाई स्पीड मिसाइल से लेकर सैकड़ों ड्रोन एक साथ भारत में भेजे, उसमें भारत के स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम आकाश और रूस से मिले एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम की मजबूती भी उभरकर सामने आई।
भारत ने दुनिया को यह भी समझाया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बावजूद उसने पाकिस्तान की समझौते की गुहार सिर्फ इसलिए मानी क्योंकि यह शांति का संदेश देने वाले भगवान बुद्ध की धरती है। सीजफायर इसलिए भी माना कि यह युग युद्ध का नहीं है पर पीएम मोदी ने यह भी संदेश दुनिया को दिया कि यह युग आतंकवाद का भी नहीं है। यदि आतंकवाद का सहारा लिया जाता है तो आतंकवाद करने और उसको पालने – पोसने वाले को भी माकूल जवाब दिया जाएगा। पीएम मोदी ने यह भी साफ कर दिया कि अब अगर आतंकी हमला हुआ तो भारत अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर, अपने समय पर जवाब देगा। यानी घर में घुसकर पटक कर मारेंगे, कोई बचाने नहीं आएगा। साथ ही कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। पाकिस्तानियों के पाव-पाव भर वाले एटम बम की गीदड़ भभकी को मार-मारकर धुंआ कर दिया जाएगा तथा आतंकियों की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखा जाएगा। आतंकियों को मारने के साथ उन्हें पालने वाले भी बचेंगे नहीं। पीएम मोदी ने यह भी बता दिया कि अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ही भारत का न्यू नॉर्मल है। यह स्थगित हुआ है पर रुका नहीं है।

























