ब्लिट्ज ब्यूरो
अहमदाबाद। अहमदाबाद में एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन गुरुवार दोपहर टेक ऑफ के दो मिनट बाद क्रैश हो गया। हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और 12 क्रू मेंबर्स समेत 241 लोगों की मौत हो गई। केवल एक यात्री चमत्कारी ढंग से बच गया।
पीएम मोदी अहमदाबाद आ गए हैं। सबसे पहले वे घटनास्थल का दौरा करने पहुंचे। इसके बाद वे सिविल अस्पताल गए जहां वे मृतकों के परिजनों से मिले।
डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई ने देर रात बताया कि 265 शव सिटी सिविल अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमें 241 विमान सवारों के अलावा 4 एमबीबीएस छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी भी शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान की जा रही है। आग लगते ही विमान 2.5 किमी दूर बीजे मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की बिल्डिंग से जा टकराया। इस बिल्डिंग में अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स रहते हैं। हादसे के समय इमारत में 50 से 60 डॉक्टर मौजूद थे। उस समय सूचना दी गई थी कि इनमें 15 से ज्यादा घायल हो गए हैं।
फ्लाइट नंबर एआई-171 अहमदाबाद से लंदन जा रही थी। इसमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात थे। बाकी 12 क्रू मेंबर्स थे।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शवों की पहचान के लिए 1000 से ज्यादा डीएनए टेस्ट किए जाएंगे।
हादसे में सिर्फ भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक रमेश विश्वास कुमार जिंदा बचे। वे प्लेन की 11-ए नंबर की सीट पर बैठे थे।
एयर इंडिया ने X पर जानकारी देते हुए 241 यात्रियों की मौत को कंफर्म किया है। वहीं, परिवारों को जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। भारत में: 1800 5691 444 विदेश में: +91 8062779200
ब्रिटेन के पीएम बोले
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा, “जांच चल रही है। हमने जांच टीम भेज दी है। इस जांच की जिम्मेदारी हमारे विदेश मंत्री संभाल रहे हैं। हम सच्चाई जानने के लिए भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान दोपहर 1.40 पर दुर्घटनाग्रस्त होकर आग के गोले में तब्दील हो गया।
ज्यादातर शव इतनी बुरी तरह झुलस चुके कि उनकी पहचान करने में बेहद मुश्किल आ रही है। उनकी पहचान डीएनए टेस्ट के बाद ही संभव होगी।
प्लेन जिस बिल्डिंग से टकराया, वहां अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स रहते हैं। प्लेन क्रैश की घटना में बीजे मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल बुरी तरह से तबाह हो गया है।
प्लेन में विजय रूपाणी के अलावा कई बिजनेस टायकून भी सवार थे। इनमें कार्गो मोटर के प्रमुख नंदा और ल्यूबी के डायरेक्टर सुभाष अमीन भी शामिल थे

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। अमित शाह ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बात की और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने बताया कि एयर इंडिया का बी787 विमान वीटी-एएनबी, (अहमदाबाद से गैटविक के लिए) उड़ान एआई-171 का संचालन करते समय अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान की कमान कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के हाथों में थी। दुर्घटना के पीछे का सही कारण अभी तक पता नहीं चला है।
यात्रियों के अलावा 24 अन्य की भी मौत, इनमें चार एमबीबीएस छात्र
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 90 कर्मियों वाली तीन टीमों ने गांधीनगर से विमान दुर्घटना स्थल पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू कर दिया था।वडोदरा से भी तीन टीमें पहुंची थीं। सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ान परिचालन अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि अहमदाबाद में हुई त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी कर दिया है। यह शब्दों से परे हृदय विदारक है। इस दुख की घड़ी में, मेरी संवेदनाएं इससे प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। मैं मंत्रियों और अधिकारियों के संपर्क में हूं जो प्रभावित लोगों की सहायता के लिए काम कर रहे हैं।
पायलट ने की थी ‘मे-डे’ कॉल
विमान के पायलट सुमित सुब्बरवाल ने आखिरी मौके पर ‘मे-डे’ कॉल की थी। यह एक अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन कॉल है, जिसे पायलट उस स्थिति में भेजता है जब विमान गंभीर संकट में हो और उसे इमरजेंसी हेल्प की जरूरत हो।
पायलट को 8200 घंटे का उड़ान का अनुभव
विमान के कैप्टन सुमीत सब्बरवाल थे। उनके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर थे। कैप्टन सुमीत सब्बरवाल एक एलटीसी थे। उनके पास 8200 घंटे का उड़ान का अनुभव था। को-पायलट के पास 1100 घंटे का उड़ान का अनुभव था। एलटीसी का मतलब है लाइन ट्रेनिंग कैप्टन। ये अनुभवी पायलट होते हैं जो दूसरे पायलटों को ट्रेनिंग देते हैं।
टाटा संस ने प्लेन क्रैश में मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता का एलान किया है। उद्योगपति मुकेश अंबानी ने भी हरसंभव मदद देने की बात कही है।























