• About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact
Sunday, May 3, 2026
  • Login
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
  • Blitz Highlights
    • Special
    • Spotlight
    • Insight
    • Entertainment
    • Sports
  • Opinion
  • Legal
  • Perspective
  • Nation
    • East
    • West
    • North
    • South
  • Business & Economy
  • World
  • Hindi Edition
  • International Editions
    • Dubai
    • Tanzania
    • United Kingdom
    • USA
  • Blitz India Business
No Result
View All Result
World's first weekly chronicle of development news
No Result
View All Result

जजों के रिश्तेदार अब नहीं बन पाएंगे हाईकोर्ट के जज

- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम उठा सकता है चौंकाने वाला कदम

by Blitz India Media
January 3, 2025
in Hindi Edition
0
The blindfold of the goddess of justice has been removed, the constitution is now in hand
Share on FacebookShare on Twitter
ब्लिट्ज ब्यूरो

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम एक नए प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इस प्रस्ताव के तहत मौजूदा या पूर्व संवैधानिक न्यायालय के जजों के परिवार के सदस्यों को हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश फिलहाल रोकी जा सकती है। सूत्रों की मानें तो ऐसा इसलिए किया जा रहा क्योंकि एक आम धारणा है कि इन वकीलों को पहली पीढ़ी के वकीलों की तुलना में जज बनने की प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलती है। दिसंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाईकोर्ट न्यायाधीशों के लिए सिफारिश किए गए वकीलों के साथ बातचीत भी शुरू की है। यह उनकी उपयुक्तता और क्षमता का आकलन करने के लिए किया जा रहा है।

क्या विचार कर रही शीर्ष अदालत
सूत्रों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम हाईकोर्ट में न्यायाधीशों के करीबी रिश्तेदारों की नियुक्ति के खिलाफ विचार कर सकता है। कॉलेजियम हाईकोर्ट के कॉलेजियम को ऐसे उम्मीदवारों की सिफारिश न करने का निर्देश देने पर विचार कर सकता है, जिनके माता-पिता या करीबी रिश्तेदार सर्वोच्च न्यायालय या हाईकोर्ट के वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश रहे हों।

कॉलेजियम के एक जज ने रखा विचार
इस धारणा को मिटाने के लिए कि योग्यता से ज्यादा वंश को महत्व दिया जाता है या न्यायिक अधिकारी को हाईकोर्ट के जज के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश में पहली पीढ़ी के वकीलों पर प्राथमिकता दी जाती है, कॉलेजियम के एक जज ने हाल ही में एक विचार रखा। उन्होंने हाईकोर्ट के कॉलेजियम को निर्देश देने का सुझाव दिया कि वे ऐसे वकीलों या न्यायिक अधिकारियों की सिफारिश न करें जिनके माता-पिता या करीबी रिश्तेदार सुप्रीम कोर्ट या उच्च न्यायालयों के जज थे या हैं। यह प्रस्ताव कुछ अन्य लोगों को भी पसंद आया और तब से कॉलेजियम के अन्य सदस्यों के बीच एक खुली बहस का विषय बन गया है। हालांकि, न्यायाधीश ने इस बात पर भी चिंता जताई है कि इससे योग्य लोगों को न्यायाधीश बनने से सिर्फ इसलिए वंचित किया जा सकता है क्योंकि वे उच्च न्यायपालिका के मौजूदा या पूर्व न्यायाधीशों के रिश्तेदार हैं।

ये लोग हैं हिस्सा
कॉलेजियम में सीजेआई संजीव खन्ना और जस्टिस बी आर गवई, सूर्यकांत, हृषिकेश रॉय और ए एस ओका शामिल हैं। वे जानते हैं कि कुछ योग्य उम्मीदवार, जो वर्तमान या पूर्व सुप्रीम कोर्ट या हाकोर्ट जजों के करीबी रिश्तेदार हैं, इस प्रस्ताव से वंचित हो सकते हैं। इसके अलावा, जस्टिस हृषिकेश रॉय और अभय एस. ओका भी हाईकोर्ट में जजों की सिफारिश करने वाली पांच सदस्यीय कॉलेजियम का हिस्सा हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने हाल ही में उच्च न्यायालयों में सिफारिश किए गए जजों के लिए व्यक्तिगत मुलाकातें शुरू की हैं, जो पारंपरिक बायोडाटा, लिखित मूल्यांकन और खुफिया रिपोर्ट्स से एक महत्वपूर्ण बदलाव है। 22 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक में राजस्थान, उत्तराखंड, मुंबई और इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए करीब छह नाम केंद्र को भेजे गए थे।

यह बदलाव हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस शेखर कुमार यादव के विवादास्पद बयान के बाद आया है। दिसंबर में एक वीएचपी इवेंट में जस्टिस यादव ने बहुसंख्यक समुदाय की इच्छाओं के अनुसार भारत के काम करने की बात कही थी, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। 10 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लिया था और इलाहाबाद हाईकोर्ट से इस पर रिपोर्ट मांगी थी। जस्टिस यादव ने 17 दिसंबर को कॉलेजियम के समक्ष अपना पक्ष रखा।

2015 में सुप्रीम कोर्ट ने रद किया एनजेएसी
बता दें, अक्तूबर 2015 में, सुप्रीम कोर्ट की पांच-जजों की संवैधानिक पीठ ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) को रद कर दिया था। एनजेएसी को संसद द्वारा सर्वसम्मति से कॉलेजियम प्रणाली को बदलने के लिए लाया गया था। कॉलेजियम प्रणाली, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों के चयन को नियंत्रित करती है। एनजेएसी को रद करने के बाद से सुप्रीम कोर्ट ने जजों के चयन की अपारदर्शी प्रक्रिया में कुछ पारदर्शिता लाने की कोशिश की है।

जजों की चयन प्रक्रिया पर उठते रहे हैं सवाल
हालांकि, यह उन चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं रहा है जो एनजेएसी की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान सामने आई थीं। कई लोगों का मानना था कि जजों द्वारा जजों का चयन करने की प्रणाली ‘आप मेरी पीठ खुजाओ, मैं तुम्हारी खुजाऊंगा’ जैसी प्रथा को बढ़ावा देती है। इससे चयन प्रक्रिया पर दाग लगा है क्योंकि मौजूदा या पूर्व संवैधानिक न्यायालय के जजों के कई बच्चों को हाई कोर्ट के जजों के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की गई थी।

एनजेएसी की सुनवाई के दौरान एक वकील ने दावा किया था कि 50% हाईकोर्ट के जजों के करीबी रिश्तेदार पूर्व या वर्तमान संवैधानिक न्यायालय के जज थे।

Related Posts

संसदीय गणित में फंस गई ‘नारी शक्ति’
Hindi Edition

संसदीय गणित में फंस गई ‘नारी शक्ति’

April 23, 2026
Blitz India Gujarati Edition Launch Rajkot
Hindi Edition

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने राजकोट में किया गुजराती संस्करण का शुभारंभ

April 23, 2026
ऐसे कैसे होगा नारी शक्ति का वंदन
Hindi Edition

ऐसे कैसे होगा नारी शक्ति का वंदन

April 23, 2026
दांतों की बीमारी से हो सकता है गठिया!
Hindi Edition

दांतों की बीमारी से हो सकता है गठिया!

April 23, 2026
लोधी गार्डन ने स्थापना के ऐतिहासिक 90 वर्ष पूरे किए
Hindi Edition

लोधी गार्डन ने स्थापना के ऐतिहासिक 90 वर्ष पूरे किए

April 23, 2026
Development Journalism National Narrative Shishir Priyadarshi
Hindi Edition

भारत को तोड़ने नहीं, जोड़ने वाली पत्रकारिता की जरूरत

April 23, 2026
Load More
Next Post
kalyug

‘लगता है कलयुग आ गया’

Recent News

Bengal observer PIL
News

PIL seeks removal of UP cop as poll observer

by Blitz India Media
April 29, 2026
0

Blitz Bureau NEW DELHI: A public interest litigation (PIL) has been filed before the Supreme Court challenging the decision of...

Read moreDetails
India among top countries in meeting climate targets

India among top countries in meeting climate targets

April 29, 2026
EPFO

EPFO settles record 8.31 crore claims in FY26

April 29, 2026
PM inaugurates 594-km long Ganga Expressway

PM inaugurates 594-km long Ganga Expressway

April 29, 2026
voting

Over 78 pc turnout in Bengal second phase till late afternoon

April 29, 2026

Blitz Highlights

  • Special
  • Spotlight
  • Insight
  • Entertainment
  • Health

International Editions

  • US (New York)
  • UK (London)
  • Middle East (Dubai)
  • Tanzania (Africa)

Nation

  • East
  • West
  • South
  • North
  • Hindi Edition

E-paper

  • India
  • Hindi E-paper
  • Dubai E-Paper
  • USA E-Paper
  • UK-Epaper
  • Tanzania E-paper

Useful Links

  • About us
  • Team
  • Privacy Policy
  • Contact

©2024 Blitz India Media -Building A New Nation

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

    No Result
    View All Result
    • Blitz Highlights
      • Special
      • Spotlight
      • Insight
      • Entertainment
      • Sports
    • Opinion
    • Legal
    • Perspective
    • Nation
      • East
      • West
      • North
      • South
    • Business & Economy
    • World
    • Hindi Edition
    • International Editions
      • Dubai
      • Tanzania
      • United Kingdom
      • USA
    • Blitz India Business

    ©2024 Blitz India Media -Building A New Nation